(रणभेरी): सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार तड़के उस समय अफरातफरी मच गई, जब प्लेटफार्म पर खड़ी सासाराम–पटना पैसेंजर ट्रेन की एक बोगी में अचानक आग लग गई। घटना सुबह लगभग 5:30 बजे की बताई जा रही है। गनीमत रही कि जिस कोच में आग लगी, उस समय वह खाली था। रेलवे कर्मचारियों, आरपीएफ और दमकल विभाग की सतर्कता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 53212 डाउन सासाराम–पटना पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी और उसे सुबह 6:45 बजे पटना के लिए रवाना होना था। इसी दौरान ट्रेन की एक बोगी से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया, जिससे स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। कुछ देर के लिए प्लेटफार्म पर भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे। सबसे पहले ट्रेन को खाली कराया गया और आसपास मौजूद यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर भेजा गया। रेलकर्मियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
अधिकारियों की तत्परता के कारण आग को दूसरे डिब्बों तक फैलने से रोक लिया गया। यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो आग अन्य कोचों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान होने की आशंका थी। आग से प्रभावित बोगी को सावधानीपूर्वक ट्रेन से अलग किया गया ताकि किसी तरह का खतरा न रहे।
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों द्वारा ट्रेन की तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण कराया गया। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ट्रेन को सुबह करीब 8:04 बजे पटना के लिए रवाना किया गया। आग लगने की इस घटना के कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे देरी से चली।
आरपीएफ सासाराम पोस्ट प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि इस घटना में किसी यात्री या रेल कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड में दिखाई दिया। अधिकारियों ने स्टेशन पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा।
