(रणभेरी): देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार, 19 मई से एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में औसतन करीब 90 पैसे प्रति लीटर और डीजल में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। बीते पांच दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
नई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर था।
देश के कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। वहीं अनेक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डीजल भी 90 रुपये प्रति लीटर से अधिक दाम पर बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में कीमतों का असर और अधिक दिखाई दे रहा है।
मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में पेट्रोल 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 104.49 रुपये तथा डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
तेल उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते घरेलू बाजार में ईंधन महंगा करना पड़ा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर कार्रवाई और उसके बाद पैदा हुए हालात से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
सरकार का कहना है कि अब तक आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया था, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के चलते तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार 15 मई की बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियों के घाटे में कुछ कमी आई है, फिर भी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 750 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं।
क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 13 रुपये प्रति लीटर तक का घाटा हो रहा है। यही वजह है कि आने वाले समय में कीमतों में और बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम में भी तेजी आने की आशंका जताई जा रही है। महंगाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
इसी बीच सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों में 15 मई को सीएनजी दो रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई थी, जबकि रविवार को इसमें फिर एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई।
घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर भी पहले से महंगा चल रहा है। मार्च महीने में एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। इसके बावजूद तेल कंपनियों को प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ऊर्जा कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।
