(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद अंतर्गत मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह का मामला इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अलग-अलग समुदायों से जुड़े एक युवक और युवती ने परिवारिक विरोध और सामाजिक दबावों को दरकिनार करते हुए मुंबई में मंदिर में विवाह कर लिया, जिसके बाद मामला गांव से लेकर थाने तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार करधना गांव के निवासी एक हिंदू युवक सोनू और उसी गांव की रहने वाली एक मुस्लिम युवती के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। एक ही गांव में रहने के कारण दोनों की मुलाकातें अक्सर होती थीं, जो धीरे-धीरे दोस्ती से प्रेम संबंध में बदल गईं। दोनों ने भविष्य में साथ जीवन बिताने का निर्णय ले लिया था, लेकिन अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण उनके परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक जब दोनों के रिश्ते की जानकारी परिवारों को हुई तो विरोध शुरू हो गया। कई बार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तनाव की स्थिति भी बनी। परिजनों के दबाव के बावजूद युवक-युवती ने अपना रिश्ता जारी रखा। बताया जाता है कि करीब एक माह पहले भी दोनों घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि कुछ दिनों बाद वे वापस लौट आए थे, जिससे गांव में काफी चर्चा रही थी।
इसके बाद लगभग पंद्रह दिन पहले दोनों दोबारा घर से लापता हो गए। इस बार वे मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह कर लिया। विवाह के बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में वहीं रहने लगे। इधर युवती के लापता होने पर परिजनों ने मिर्जामुराद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शनिवार तड़के जब दोनों गांव लौटे तो मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया।
जानकारी मिलते ही युवक के परिजन दोनों को लेकर थाने पहुंचे, जहां कुछ ही देर में युवती के परिजन भी पहुंच गए। जैसे ही उन्हें मंदिर में हुए विवाह की जानकारी मिली, उन्होंने इसे स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। इसके बाद थाने परिसर में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत, बहस और पंचायत जैसी स्थिति बनी रही।
इस दौरान दोनों प्रेमी युगल अपने फैसले पर अड़े रहे और एक-दूसरे के साथ रहने की बात दोहराते रहे। वहीं परिजन उन्हें समझाने और रिश्ते को स्वीकार न करने की बात पर अडिग रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही और बातचीत के दौरान गांव के कुछ गणमान्य लोग भी दोनों पक्षों को समझाने में जुटे रहे।
थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले दर्ज की गई थी। अब दोनों के सामने आने के बाद मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों बालिग हैं, इसलिए कानून के अनुसार उन्हें अपने जीवन साथी का चयन करने का अधिकार प्राप्त है।
फिलहाल यह मामला गांव में सामाजिक, पारिवारिक और अंतरधार्मिक संबंधों को लेकर बहस का विषय बना हुआ है। लोग इसे प्रेम, परंपरा और सामाजिक सीमाओं के टकराव के रूप में देख रहे हैं। गांव में यह घटना लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।
