सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगे सभी कोच, कवच प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम से मिलेगी सुरक्षा; 823 यात्रियों की होगी क्षमता, सप्ताह में छह दिन होगा संचालन
वाराणसी (रणभेरी): रेल यात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक सफर को ध्यान में रखते हुए रेलवे एक और बड़ी सौगात देने जा रहा है। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने जा रहा है। शनिवार को बनारस स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 3:30 बजे वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू को भी रवाना करेंगे।
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस 17 जनवरी 2026 को गुवाहाटी (कामाख्या)-हावड़ा (कोलकाता) के बीच शुरू की गई थी। अब वाराणसी और नई दिल्ली के बीच इस आधुनिक ट्रेन के संचालन से पूर्वांचल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
रात में सफर, सुबह दिल्ली पहुंचेंगे यात्री
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (27421) रात 8:50 बजे वाराणसी जंक्शन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। वहीं, नई दिल्ली से वापसी में ट्रेन संख्या 27422 रात 9:40 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में इसका संचालन शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन किया जाएगा।
रास्ते में ट्रेन का ठहराव प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर होगा। इससे इन शहरों के यात्रियों को भी आधुनिक स्लीपर ट्रेन में सफर करने का अवसर मिलेगा।
हर कोच में सीसीटीवी, अपराधियों पर रहेगी नजर
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए आधुनिक इंतजाम हैं। ट्रेन के सभी कोच सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगे। इससे चोरी, सीट पर अनधिकृत कब्जे, छेड़खानी और अन्य विवादों की स्थिति में घटनाओं की निगरानी और जांच में मदद मिलेगी। ट्रेन में किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि होने पर फुटेज के जरिये संबंधित व्यक्ति की पहचान करना आसान होगा।
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ट्रेन में कवच प्रणाली भी लगाई गई है। यह आधुनिक तकनीक ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही में मदद करती है। इसके अलावा आग का पता लगाने और उस पर काबू पाने के लिए विशेष फायर डिटेक्शन एवं फायर सप्रेशन सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
16 कोच, 823 यात्रियों के सफर की क्षमता
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में जनरल कोच की व्यवस्था नहीं होगी। एक बार में करीब 823 यात्री इसमें सफर कर सकेंगे। यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए आधुनिक सस्पेंशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इससे सफर के दौरान झटके और शोर कम करने में मदद मिलेगी। ट्रेन के दरवाजे स्वचालित होंगे, जो अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।
आपात स्थिति में सीधे कर्मचारियों से कर सकेंगे संपर्क
यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम दिया गया है। किसी आपात स्थिति में यात्री इसके माध्यम से ट्रेन के कर्मचारियों, ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से सीधे संपर्क कर सकेंगे। दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसका ट्रायल भी किया जा चुका है। आधुनिक नियंत्रण उपकरणों और सुरक्षा सुविधाओं से लैस यह ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच रातभर के सफर को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक बनाने की दिशा में रेलवे का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
