प्रेक्षक पर पक्षपात का आरोप लगाकर भाजपा प्रत्याशी और समर्थकों ने किया था हंगामा, पुलिस से हुई थी धक्कामुक्की; पार्टी ने मतगणना प्रक्रिया पर जताया संतोष
वाराणसी (रणभेरी): विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) की वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान मंडी समिति परिसर में हुए हंगामे से भाजपा ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने स्पष्ट किया है कि प्रेक्षक के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन पार्टी की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं था। पार्टी इस प्रदर्शन से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि मतगणना की पूरी प्रक्रिया से भाजपा संतुष्ट है और चुनाव आयोग ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच निष्पक्ष तरीके से मतगणना कराई।
दरअसल, खंड स्नातक सीट के चौथे चक्र की मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और उनके समर्थकों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया था। उन्होंने चुनाव आयोग के प्रेक्षक प्रांजल यादव पर मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया था। हालांकि, प्रांजल यादव खंड शिक्षक सीट के लिए आयोग की ओर से नियुक्त प्रेक्षक थे, स्नातक सीट के नहीं। इसके बावजूद उनके खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
हंगामा बढ़ने पर भाजपा कार्यकर्ता पुलिस से भी भिड़ गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान धक्कामुक्की हुई और बैरिकेडिंग को भी धक्का दिया गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद कई भाजपा नेता भी विरोध प्रदर्शन के स्पष्ट कारण नहीं बता सके थे।
पार्टी के भीतर भी उठे थे सवाल
मतगणना के प्रत्येक चक्र में भाजपा प्रत्याशी पिछड़ते जा रहे थे। ऐसे में हार की स्थिति को स्वीकार करने के बजाय प्रेक्षक पर आरोप लगाकर हंगामा करने के कदम को पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उचित नहीं माना। बताया जा रहा है कि संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम को अनुचित व्यवहार के तौर पर देखा है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि मौके पर कुछ लोगों ने ऐसा क्यों किया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पार्टी की ओर से इस तरह के विरोध प्रदर्शन का कोई निर्देश नहीं था। उन्होंने दोहराया कि भाजपा मतगणना की प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट है। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई और सीसीटीवी निगरानी के कारण गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं थी।
