वाराणसी (रणभेरी): बड़ागांव थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव के रहने वाले 65 वर्षीय प्रसिद्ध लोकगीत गायक चिंगन यादव की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। उनका शव चौबेपुर थाना क्षेत्र के गौरा और चंद्रावती घाट के बीच नदी में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिंगन यादव सोमवार को चौबेपुर थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में अपने गुरु भाई के निधन की सूचना मिलने पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। जब वह गांव पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अंतिम यात्रा पहले ही श्मशान घाट के लिए निकल चुकी है। इसके बाद उन्होंने सीधे गंगा किनारे के रास्ते अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि वह पहले गौरा घाट पहुंचे, जहां मौजूद लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि अंतिम संस्कार चंद्रावती घाट पर किया जा रहा है। इसके बाद वह गंगा किनारे-किनारे पैदल चंद्रावती घाट की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान रास्ते में किसी स्थान पर उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह गंगा नदी में जा गिरे। आशंका है कि गहरे पानी में चले जाने के कारण वह बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई।
उधर, देर शाम तक चिंगन यादव के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने पहले परिचितों और रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद सोनबरसा गांव के लोगों से भी जानकारी ली गई और उनकी तलाश शुरू की गई।
खोजबीन के दौरान पता चला कि गौरा और चंद्रावती घाट के बीच गंगा नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए शिवपुर स्थित मोर्चरी भेज दिया था।
देर रात परिजन मोर्चरी पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान चिंगन यादव के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
चिंगन यादव पूर्वांचल के लोकगीतों के जाने-माने गायक माने जाते थे। उन्होंने वर्षों तक अपने गायन के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति को पहचान दिलाई। सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी प्रस्तुति को लोग विशेष रूप से पसंद करते थे। उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र के कलाकारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों में शोक की लहर फैल गई। लोगों ने उनके निधन को लोकसंगीत जगत के लिए बड़ी क्षति बताया।
परिवार की बात करें तो चिंगन यादव अपने पीछे दो पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका एक पुत्र निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि दूसरा वाराणसी कचहरी परिसर में चाय की दुकान संचालित करता है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला गंगा नदी में डूबने से हुई दुर्घटनात्मक मृत्यु का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
