वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र सहित धर्मनगरी वाराणसी में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। क्षेत्र से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पूरी तरह समाप्त होते ही वायुमंडल में शुष्कता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर पारे की चाल पर पड़ रहा है। बीते बुधवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान उछाल के साथ 24 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू गया, जिससे दोपहर के समय लोगों को अब हल्की तपिश का अहसास होने लगा है। हालांकि न्यूनतम तापमान फिलहाल 11.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन बरकरार है, लेकिन दिन चढ़ते ही सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं।
मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन से चार दिनों के भीतर गर्मी में और अधिक इजाफा होने की प्रबल संभावना है। इस बीच विभाग ने विशेष रूप से 6 और 7 फरवरी को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसके तहत वाराणसी और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। माना जा रहा है कि इन तेज हवाओं के चलते बढ़ते तापमान पर कुछ हद तक लगाम लग सकती है, फिर भी मौसम के शुष्क बने रहने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में बारिश की कोई भी संभावना नजर नहीं आ रही है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़कर आगे निकल जाने से अब मैदानी इलाकों में धूप का प्रभाव बढ़ेगा। राहत की बात केवल इतनी है कि तेज रफ्तार हवाएं चलने से भीषण गर्मी का अहसास तुरंत नहीं होगा, लेकिन मौसम में आ रहे इस बदलाव ने संकेत दे दिए हैं कि अब ठंड धीरे-धीरे विदाई की ओर है और आने वाले दिनों में वाराणसी वासियों को बढ़ती हुई गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
