- स्कूल के सामने सड़क पर ही कब्जा, स्कूल छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
- सवारी भरने की होड़ में सड़क बनी अघोषित स्टैंड, राहगीर परेशान
- स्थानीय लोगों का आरोप – शिकायतों के बाद भी ट्रैफिक पुलिस बनी रहती मूकदर्शक
वाराणसी (रणभेरी): काशी के अत्यंत व्यस्त और घनी आबादी वाले पांडेहवेली क्षेत्र में स्थित बंगाली टोला इंटर कॉलेज के सामने इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्कूल के मुख्य द्वार और आसपास के संकरे मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा (टोटो) चालकों ने अवैध रूप से स्थायी अड्डा जमा लिया है। हालात ऐसे हैं कि सड़क का बड़ा हिस्सा वाहनों के कब्जे में रहने से आम राहगीरों, दुकानदारों और सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ऑटो और टोटो चालक नियम-कायदों को पूरी तरह ताक पर रखकर सड़क के बीचों-बीच वाहन खड़ा कर सवारी भरते हैं। सवारी बैठाने और उतारने की होड़ में ये चालक अचानक कहीं भी वाहन मोड़ देते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना की स्थिति बनती रहती है। कई बार दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा चालकों के बीच टक्कर भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि कोई राहगीर या वाहन चालक रास्ता मांगता है तो कई चालक अभद्र व्यवहार पर उतर आते हैं। लगातार हॉर्न बजाने के बाद भी वाहन नहीं हटाए जाते, जिससे पूरे इलाके में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण पैदल चलने वालों को सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति स्कूल की छुट्टी के समय देखने को मिलती है। दोपहर में जब बंगाली टोला इंटर कॉलेज और आसपास के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की छुट्टी होती है, तब सड़क पूरी तरह जाम हो जाती है। बच्चों को तेज धूप, धूल और वाहनों की भीड़ के बीच किसी तरह रास्ता बनाकर निकलना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल गेट तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। वाहनों की अव्यवस्थित कतारें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं।

स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। धीरे-धीरे यह मार्ग अवैध स्टैंड में तब्दील हो चुका है, जहां दिनभर ऑटो और टोटो चालकों का कब्जा बना रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से मांग की है कि बंगाली टोला स्कूल के सामने वाले मार्ग को तत्काल नो पार्किंग और नो हॉल्टिंग जोन घोषित किया जाए। साथ ही अवैध रूप से सड़क घेरकर खड़े रहने वाले ऑटो और टोटो चालकों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों, अभिभावकों और आम जनता को राहत मिल सके।
