वाराणसी (रणभेरी): श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल, कबीर चौरा स्थित ब्लड बैंक में बारिश के दौरान भवन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। बारिश के समय ब्लड बैंक के अंदर छत और पंखे के आसपास से पानी टपकता नजर आया। इससे अस्पताल भवन की मरम्मत और बारिश से बचाव के इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि इसी भवन में 1 अप्रैल 2025 को आग लगने की घटना हुई थी। आग के बाद भवन के अलग-अलग हिस्सों में मरम्मत और सुधार कार्य कराया गया था। उस समय भवन को दुरुस्त कर व्यवस्थाओं को सामान्य करने की कवायद की गई थी। इसके बावजूद बारिश के दौरान ब्लड बैंक के अंदर पानी पहुंचने की तस्वीर सामने आने से निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर चर्चा शुरू हो गई है।

बारिश के दौरान छत से पानी रिसने के साथ पंखे के आसपास भी पानी टपकता दिखाई दिया। अस्पताल के ऐसे हिस्से में पानी का रिसाव विशेष चिंता का विषय है, जहां रक्त से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। पंखे और विद्युत उपकरणों के आसपास पानी पहुंचने से सुरक्षा संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि आग के बाद भवन की मरम्मत कराई गई थी तो बारिश के पानी की निकासी और छत की सीलिंग से जुड़ी समस्या दोबारा कैसे सामने आ गई। क्या मरम्मत के दौरान छत की वाटरप्रूफिंग और जल निकासी व्यवस्था की पर्याप्त जांच हुई थी? यदि हुई थी तो पहली बारिश में ही पानी रिसने की स्थिति क्यों बनी, यह भी जांच का विषय है।
अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में भवन की मजबूती और साफ-सफाई के साथ-साथ बारिश से बचाव की व्यवस्था भी बेहतर होनी चाहिए। खासकर ब्लड बैंक जैसे संवेदनशील विभाग में छत से पानी टपकना सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
