गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन पर भड़के दरोगा: उंगली दिखाकर दी फोर्स बुलाने की चेतावनी; प्रॉक्टर से धक्का-मुक्की के बाद बिगड़ा माहौल

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन पर भड़के दरोगा: उंगली दिखाकर दी फोर्स बुलाने की चेतावनी; प्रॉक्टर से धक्का-मुक्की के बाद बिगड़ा माहौल

(रणभेरी): दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच मंगलवार को विवाद की स्थिति बन गई। छात्रों से बातचीत करने पहुंचे असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और अभद्रता के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने असिस्टेंट प्रॉक्टर को छात्रों के बीच से बाहर निकाला।

इसी दौरान विश्वविद्यालय पुलिस चौकी के प्रभारी दरोगा अविरल मिश्रा छात्रों पर नाराज होते नजर आए। घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दरोगा छात्रों को सख्त लहजे में चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह पुलिस बल बुलाने और स्थिति बिगड़ने पर कड़ी कार्रवाई की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद गोरखपुर पुलिस की ओर से बताया गया कि छात्रों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान स्थिति अचानक उग्र हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, असिस्टेंट प्रॉक्टर को छात्रों से सुरक्षित बाहर निकालने और मौके पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन पर भड़के दरोगा: उंगली दिखाकर दी फोर्स बुलाने की चेतावनी; प्रॉक्टर से धक्का-मुक्की के बाद बिगड़ा माहौल

25 अगस्त से चल रहा है धरना

गोरखपुर विश्वविद्यालय में करीब 20 छात्र 25 अगस्त से विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन कर रहे छात्रों ने 5 सितंबर से भूख हड़ताल भी शुरू कर रखी है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कुल छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें निलंबित छात्रों की बहाली से लेकर छात्रसंघ चुनाव कराने और विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच कराने की मांग शामिल है।

निलंबित छात्रों की कार्रवाई वापस लेने की मांग

आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में करीब दो साल पहले निलंबित किए गए तीन छात्रों का निलंबन समाप्त करना शामिल है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की नीतियों और छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। प्रदर्शनकारी अब इस कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

छात्रसंघ चुनाव कराने पर भी जोर

छात्रों का कहना है कि लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जबकि विद्यार्थियों से छात्रसंघ के नाम पर शुल्क लिया जाता है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव दोबारा कराने की मांग भी आंदोलन का अहम हिस्सा है।

छात्रावास की सुविधाओं में सुधार की मांग

आंदोलनकारी छात्र विश्वविद्यालय के छात्रावासों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हॉस्टलों में मेस और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं है। छात्रों ने गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और छात्रावासों की मूलभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन पर भड़के दरोगा: उंगली दिखाकर दी फोर्स बुलाने की चेतावनी; प्रॉक्टर से धक्का-मुक्की के बाद बिगड़ा माहौल

पीएम-उषा के कामों की जांच की मांग

छात्रों ने विश्वविद्यालय में पीएम-उषा योजना के तहत चल रहे कार्यों और उनके लिए किए गए आवंटन की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग भी उठाई है। छात्रों का आरोप है कि योजना के तहत होने वाले कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और आवंटन की प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।

डिग्री और अंकपत्र के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा एजेंसी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डिग्री और अंकपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर विद्यार्थियों से अतिरिक्त रकम मांगी जाती है। छात्रों ने इस पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पेड़ों की कटाई का मामला भी आंदोलन में शामिल

विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी छात्रों की मांगों में शामिल है। छात्रों का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने वन विभाग से 1,200 पेड़ काटने की अनुमति ली थी, लेकिन इसके बाद कथित तौर पर तीन हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए। प्रदर्शनकारी इस मामले की जांच और आगे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

बातचीत के दौरान बिगड़ा माहौल

मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय समेत कुछ शिक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्र नेताओं सतीश प्रजापति और उज्ज्वल सिंह से बातचीत की। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की गई और बताया गया कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है।

छात्र नेताओं ने कहा कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रशासन जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत ने बहस का रूप ले लिया। कुछ छात्र नारेबाजी करने लगे और देखते ही देखते मौके पर तनाव बढ़ गया। मौजूद लोगों के अनुसार, इसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मी और विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे। पुलिस ने असिस्टेंट प्रॉक्टर को छात्रों के बीच से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए छात्रों को शांत कराया। करीब एक घंटे तक मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में स्थिति सामान्य होने पर आंदोलनकारी छात्र फिर प्रशासनिक भवन के बाहर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन पर भड़के दरोगा: उंगली दिखाकर दी फोर्स बुलाने की चेतावनी; प्रॉक्टर से धक्का-मुक्की के बाद बिगड़ा माहौल

वीडियो में नजर आया दरोगा का सख्त तेवर

घटना के बाद सामने आए वीडियो में विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा छात्रों से सख्त लहजे में बात करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह पुलिस बल बुलाने और आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी देते नजर आते हैं। पुलिस का कहना है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। पुलिस के मुताबिक, छात्रों के उग्र होने के बाद असिस्टेंट प्रॉक्टर की सुरक्षा के लिए उन्हें वहां से हटाया गया।

पिछले महीने मिली विश्वविद्यालय चौकी की जिम्मेदारी

अविरल मिश्रा मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वह वर्ष 2023 बैच के दरोगा हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी पहली तैनाती गोरखपुर में हुई थी। इसके बाद उन्होंने जिले के अलग-अलग थानों में जिम्मेदारी संभाली।

बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले ही उन्हें विश्वविद्यालय पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया था। मंगलवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद के बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ-साथ मौके पर हुई कथित धक्का-मुक्की और पुलिस की कार्रवाई की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *