बजरडीहा में सीवर ओवरफ्लो से हालात बदतर, गंदे पानी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर लोग

बजरडीहा में सीवर ओवरफ्लो से हालात बदतर, गंदे पानी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर लोग

वाराणसी (रणभेरी): शहर के घनी आबादी वाले बजरडीहा इलाके में सीवर ओवरफ्लो और जलनिकासी की समस्या ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई स्थानों पर गंदा पानी जमा होने से लोगों को सड़क पर आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से जलनिकासी व्यवस्था चरमराई हुई है। इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

इलाके के लोगों के मुताबिक, बजरडीहा में बड़ी संख्या में आबादी निवास करती है। ऐसे में यहां सीवर और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त रखना बेहद जरूरी है। लेकिन सीवर लाइन के ओवरफ्लो होने और पानी की निकासी नहीं होने के कारण कई जगहों पर रास्तों के आसपास गंदा पानी जमा हो जाता है। इससे पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।

शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलभराव और सीवर की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया जाता है, लेकिन कुछ समय बीतने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।

निवासियों की मांग है कि सिर्फ अस्थायी तौर पर पानी निकालने या सीवर साफ कराने के बजाय इलाके की पूरी जलनिकासी व्यवस्था की जांच कर स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। लोगों का कहना है कि जब तक सीवर लाइन की क्षमता, सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक समस्या दोबारा सामने आती रहेगी।

बजरडीहा में सीवर ओवरफ्लो से हालात बदतर, गंदे पानी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर लोग

दुकानदारों की बढ़ी मुश्किलें

जलभराव का असर केवल आम आवाजाही तक सीमित नहीं है। स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि गंदा पानी दुकानों के आसपास जमा रहने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई बार लोग पानी से होकर दुकान तक पहुंचने से बचते हैं, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।

स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने पर व्यापार प्रभावित होने के साथ-साथ रोज कमाकर परिवार चलाने वाले लोगों के सामने आर्थिक संकट भी पैदा हो सकता है। लोगों का कहना है कि सड़क और दुकान के आसपास साफ-सफाई का माहौल नहीं होने से ग्राहकों में भी असुविधा बनी रहती है।

बीमारी का खतरा बढ़ने की चिंता

इलाके में लंबे समय से गंदा पानी जमा होने को लेकर स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है तथा संक्रमण और दूसरी बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है।

निवासियों की मांग है कि जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल सफाई कराई जाए, जमा पानी की निकासी की जाए और जरूरत के अनुसार कीटनाशक एवं एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जाए। लोगों का कहना है कि बरसात या लगातार सीवर ओवरफ्लो की स्थिति में समस्या और गंभीर हो सकती है।

पलायन की बात से चिंता

कुछ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बनी रहने वाली अव्यवस्था के कारण इलाके में रहना मुश्किल होता जा रहा है। उनका दावा है कि गंदगी, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान कुछ परिवार इलाके से दूसरी जगह जाने के बारे में सोचने लगे हैं।

हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर जरूर सामने आ रही है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

विकास के दावों के बीच उठ रहे सवाल

वाराणसी में लगातार विकास परियोजनाओं और शहर को बेहतर बनाने की योजनाओं की चर्चा के बीच बजरडीहा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में बुनियादी जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े विकास कार्यों के साथ-साथ मोहल्लों की रोजमर्रा की समस्याओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।

लोगों का सवाल है कि जब किसी इलाके में बड़ी आबादी रहती है, तो वहां सीवर, नाली और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए स्थायी योजना क्यों नहीं तैयार की जाती?

जनप्रतिनिधियों से जवाब की मांग

स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों से समस्या का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचकर विकास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के वादे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर गंभीर समस्याओं के सामने आने के बाद आम लोगों को बार-बार शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

निवासियों ने मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर सीवर ओवरफ्लो के कारणों का पता लगाया जाए और जलनिकासी के लिए स्थायी समाधान तैयार किया जाए। साथ ही, जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं बनती, तब तक नियमित सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

अब कार्रवाई का इंतजार

बजरडीहा के लोगों के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी के जमाव की समस्या से उन्हें स्थायी राहत आखिर कब मिलेगी। स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि संबंधित विभाग केवल आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर कार्रवाई कर समस्या का समाधान करे।

अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते सीवर और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो स्थानीय लोगों के मुताबिक आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

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