वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के सुसवाही क्षेत्र में गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लगातार हो रही बारिश के बीच निर्माणाधीन अपार्टमेंट के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे की वजह से आसपास के दो मकानों के हिस्से अचानक ढह गए। घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, सुसवाही इलाके में एक अपार्टमेंट का निर्माण कार्य चल रहा है। बेसमेंट बनाने के लिए यहां करीब 40 फीट गहरी खुदाई की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के कारण खुदाई वाले हिस्से में पानी भर गया था, इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसी वजह से आसपास की जमीन कमजोर होने लगी और गुरुवार रात मकानों पर इसका असर दिखाई दिया।
आधी रात को तेज आवाज के साथ गिरा हिस्सा
स्थानीय निवासी बृजेश राय के अनुसार, रात करीब एक बजे अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब वह और परिवार के अन्य लोग बाहर निकले तो देखा कि उनके मकान का मुख्य गेट और दीवार का एक बड़ा हिस्सा बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर चुका था। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान पड़ोसी मायाशंकर के मकान की भी एक दीवार क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। अचानक हुए इस हादसे से दोनों परिवारों में भय का माहौल बन गया। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुट गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे की जानकारी स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। देर रात तक इलाके में लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस ने निर्माण कार्य में लगे तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच की जा रही है और निर्माण से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पहले भी उठ चुके थे सुरक्षा को लेकर सवाल
लंका थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि स्थानीय लोगों ने पहले भी बेसमेंट की गहरी खुदाई को लेकर आपत्ति जताई थी। फिलहाल पुलिस निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
