मंडुवाडीह में पंखा फैक्ट्री में भीषण आग, ज्वलनशील केमिकल के बीच घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

मंडुवाडीह में पंखा फैक्ट्री में भीषण आग, ज्वलनशील केमिकल के बीच घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

वाराणसी (रणभेरी): मंडुवाडीह क्षेत्र में सोमवार तड़के एक फैक्ट्री में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने परिसर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री से उठती ऊंची लपटों और घने धुएं के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

फैक्ट्री में पंखा निर्माण से संबंधित काम में इस्तेमाल होने वाले तारपीन, सॉल्वेंट समेत कई ज्वलनशील रसायन ड्रमों में रखे हुए थे। ऐसे में आग के इन केमिकल तक पहुंचने पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई थी। इसी वजह से दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के दौरान विशेष सतर्कता बरती।

भोर में गार्ड की नजर पड़ी, तत्काल दी सूचना

फैक्ट्री के मैनेजर अनादिशंकर गुप्ता के अनुसार, रात के समय संतोष मौर्य सुरक्षा गार्ड के तौर पर ड्यूटी पर मौजूद थे। सोमवार सुबह करीब चार बजे उन्हें फैक्ट्री परिसर से धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तत्काल फैक्ट्री प्रबंधन के साथ दमकल विभाग को सूचना दी।

मंडुवाडीह में पंखा फैक्ट्री में भीषण आग, ज्वलनशील केमिकल के बीच घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कुछ ही समय में फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहन भी बुलाए गए। आग लगातार फैल रही थी, इसलिए जवानों ने अलग-अलग हिस्सों से पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की।

संकरी गली बनी बड़ी चुनौती, GT रोड से पहुंचाया पानी

फायर ब्रिगेड अधिकारी विनोद पांडेय ने बताया कि फैक्ट्री तक जाने वाला रास्ता काफी संकरा है। इसके चलते दमकल की भारी गाड़ियों को फैक्ट्री के बिल्कुल नजदीक ले जाना संभव नहीं हो सका। इस समस्या से निपटने के लिए वाहनों को GT रोड पर खड़ा किया गया और वहां से लंबी पाइपलाइन बिछाकर फैक्ट्री परिसर तक पानी पहुंचाया गया।

ऑपरेशन के दौरान दमकल वाहनों का पानी समाप्त होने पर टीम को दोबारा पानी की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके लिए चांदपुर स्थित एक फैक्ट्री से पानी भरवाया गया। पानी लेकर दमकल वाहन फिर घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने का अभियान जारी रखा गया।

आग की गर्मी से भवन के पिलर पर पड़ा असर

आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री की दो मंजिला इमारत के कुछ पिलर तेज गर्मी के कारण आगे की ओर झुकने लगे। इससे भवन की संरचनात्मक मजबूती को लेकर भी चिंता बढ़ गई। कमजोर हो चुके ढांचे के भीतर प्रवेश करते समय दमकलकर्मियों के सामने अतिरिक्त जोखिम था।

फायर टीम ने पहले आग को अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने पर जोर दिया। इसके साथ ही फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील रसायनों और अन्य सामग्री को ध्यान में रखते हुए पानी की बौछार का इस्तेमाल सावधानी से किया गया।

आसपास के घरों को कराया गया खाली

आग की लपटें और उससे निकल रही गर्मी आसपास के मकानों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए मंडुवाडीह पुलिस ने एहतियाती कदम उठाया। आसपास स्थित कुछ घरों को खाली कराया गया और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।

घटना की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी घटनास्थल के आसपास पहुंचने लगे। पुलिस ने भीड़ को आग वाली जगह से दूर रखा, ताकि दमकलकर्मियों को राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की परेशानी न हो।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद सामने आएगी असली वजह

प्रारंभिक स्तर पर आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी आग लगने के कारण की अंतिम पुष्टि नहीं की गई है। आग पूरी तरह शांत होने और घटनास्थल की जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फैक्ट्री मैनेजर अनादिशंकर गुप्ता ने बताया कि आग बुझने के बाद फैक्ट्री में मौजूद कच्चे माल, तैयार उत्पाद और अन्य स्टॉक का आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा। फिलहाल आग से करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

फैक्ट्री के डायरेक्टर संजीव जयपुरिया हैं, जो सुंदरपुर स्थित ब्रिज एल्क्लेव के निवासी बताए गए हैं। घटना के समय वह हैदराबाद में मौजूद थे। उन्हें फैक्ट्री में आग लगने की जानकारी दे दी गई है।

फिलहाल दमकल विभाग और पुलिस की टीमों की प्राथमिकता आग के पूरी तरह शांत होने के बाद परिसर को सुरक्षित करना और नुकसान का आकलन करना है। आग लगने की परिस्थितियों और संभावित कारणों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

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