वाराणसी (रणभेरी): आगामी वर्ष 2027 में प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना की तैयारियों के तहत वाराणसी नगर निगम क्षेत्र में प्रथम चरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। अभियान के अंतर्गत मकानों का सूचीकरण और भवन गणना की प्रक्रिया शहर के विभिन्न जोनों में शुरू हुई। कोतवाली जोन में इस कार्य का शुभारंभ कबीरचौरा स्थित वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. शिव शम्भू सुन्दर गांगुली के आवास से किया गया।
डॉ. गांगुली को राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त है। वे इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़े रहे हैं तथा सिविल डिफेंस में पूर्व डिप्टी चीफ वार्डन की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
जनगणना अभियान का संचालन कोतवाली जोन की कर अधीक्षक एवं सहायक चार्ज अधिकारी दिलशाद हिदायत तथा चार्ज फील्ड ट्रेनर केशव किशोर कश्यप की देखरेख में किया गया। इस दौरान नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार भी मौजूद रहे।

अधिकारियों के अनुसार प्रथम चरण में शहर के मकानों, भवनों की स्थिति तथा अन्य आधारभूत जानकारियों का संकलन किया जाएगा, ताकि आगामी जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा सके।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
वर्ष 2011 के बाद अब देश में फिर से जनगणना कराई जा रही है। इस बार की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पहले चरण के अंतर्गत नागरिकों को ‘स्व-गणना’ की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत लोग आधिकारिक पोर्टल पर (https://se.census.gov.in) स्वयं अपना और परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा 21 मई तक जारी रहेगी।
पोर्टल पर पंजीकरण के लिए नागरिकों को मोबाइल नंबर और नाम दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के बाद निर्धारित प्रश्नावली भरनी होगी। प्रक्रिया पूरी होने पर प्रत्येक परिवार को एक विशेष 11 अंकों की एसई आईडी जारी की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नागरिकों से इस डिजिटल अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो परिवार पहले से स्व-गणना कर लेंगे, उन्हें बाद में घर-घर सर्वे के दौरान सुविधा मिलेगी। प्रगणक के पहुंचने पर केवल एसई आईडी दिखाने से सत्यापन प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने दिया भरोसा
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों से बैंक खाते, आधार संख्या या अन्य संवेदनशील वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। पूरी प्रक्रिया डेटा एन्क्रिप्शन के माध्यम से सुरक्षित रखी जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से प्रगणकों का आधिकारिक पहचान पत्र देखने के बाद ही जानकारी साझा करने की अपील की है।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार वाराणसी में जनगणना का पहला चरण मई-जून 2026 के दौरान चलेगा, जिसमें हाउस लिस्टिंग और भवन संबंधी आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके बाद फरवरी 2027 में दूसरे चरण की शुरुआत होगी। इस चरण में जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने बताया कि डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है तथा आम नागरिकों से इस अभियान में सहयोग की अपील की गई है।
