वाराणसी (रणभेरी): शहर में प्रस्तावित मतदान केंद्रों के स्थान परिवर्तन को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जिला प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे के नेतृत्व में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पंकज कुमार को सौंपते हुए मतदान केंद्रों के संबंध में किसी भी निर्णय से पहले व्यापक जनहित और निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि जिन मतदान केंद्रों पर लंबे समय से मतदान की प्रक्रिया संचालित होती रही है, उन्हें बिना किसी ठोस और सार्वजनिक कारण के स्थानांतरित न किया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि मतदान केंद्रों में अचानक बदलाव होने से आम मतदाताओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर मतदान प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।

ज्ञापन में कहा गया कि मतदान केंद्रों के स्थान परिवर्तन से सबसे अधिक परेशानी वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं, महिलाओं तथा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को होगी। कई मतदाता वर्षों से अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर मतदान करते आए हैं। यदि उनके केंद्र बदल दिए जाते हैं तो उन्हें नए स्थान की जानकारी प्राप्त करने और वहां तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी मतदान केंद्र का स्थानांतरण अपरिहार्य हो, तो प्रशासन उसकी वजह सार्वजनिक करे। साथ ही संबंधित क्षेत्र के निवासियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

पार्टी नेताओं ने मांग की कि जनपद के सभी पुराने एवं स्थापित मतदान केंद्रों को यथावत बनाए रखा जाए और मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मतदाता बिना किसी असुविधा के अपने मतदान अधिकार का प्रयोग कर सकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की कि निर्वाचन संबंधी सभी निर्णय पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिए जाएंगे। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया गया।
