(रणभेरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, आधारभूत ढांचे के विकास और जल प्रबंधन जैसे विषयों पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की अत्याधुनिक रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र का प्रभावी प्रबंधन किया, जिसके कारण आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात के दौरान समय रहते उचित निर्णय नहीं लिए जाते, तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें काफी अधिक बढ़ सकती थीं। उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीति और बेहतर प्रबंधन के चलते उपभोक्ताओं को राहत मिली और गैस की उपलब्धता भी प्रभावित नहीं हुई।

रिफाइनरी का उद्घाटन, कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री दोपहर में बालोतरा जिले के पचपदरा पहुंचे, जहां उन्होंने देश की आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर परियोजना की तकनीकी जानकारी ली तथा वहां कार्यरत विशेषज्ञों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली और उत्पादन क्षमता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखी। उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक विकास राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का लोकार्पण
राजस्थान दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री ने जोधपुर से की। सुबह वे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने नए टर्मिनल का अवलोकन किया और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘उड़ान-2.0’ योजना की शुरुआत भी की। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई सुविधाएं पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देंगी।

युद्धकाल में भारत की ऊर्जा रणनीति पर सरकार का पक्ष
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ा, लेकिन भारत ने समय रहते वैकल्पिक स्रोतों से ईंधन आयात कर स्थिति को नियंत्रित रखा। उन्होंने कहा कि पहले भारत सीमित देशों से तेल खरीदता था, जबकि बाद में खरीद के स्रोतों का दायरा बढ़ाया गया। इससे आपूर्ति बाधित नहीं हुई और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनी रही।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने तेल विपणन कंपनियों पर पड़े आर्थिक दबाव को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाए, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया गया।
नर्मदा जल साझेदारी का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राजस्थान के जल संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अतीत में राजस्थान को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नर्मदा परियोजना के माध्यम से गुजरात और राजस्थान के बीच समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय दोनों राज्यों के नेतृत्व ने आपसी सहयोग और सहमति से बिना किसी विवाद के नर्मदा का पानी राजस्थान तक पहुंचाने का रास्ता तैयार किया, जिसका लाभ आज अनेक गांवों को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास के कार्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर किए जाने चाहिए और जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन्हें निर्धारित समय में पूरा करने का भी प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना की सफलता उसके धरातल पर उतरने में है और यही सरकार की कार्यशैली की पहचान है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सड़क, रेल, हवाई संपर्क, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

रिफाइनरी हादसे के बाद कार्य पूरा करने की सराहना
प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी परियोजना में कुछ समय पहले हुए हादसे का उल्लेख करते हुए वहां कार्यरत इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया, जो टीमवर्क और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां विकास की गति को रोक नहीं सकतीं और देश लगातार अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक उद्योग, बेहतर परिवहन व्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आधारभूत संरचना भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान में शुरू हुई नई परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को नई दिशा देंगी।
