वाराणसी (रणभेरी): प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी संचालन में उत्तर प्रदेश लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। प्रदेश सरकार का दावा है कि योजना के क्रियान्वयन के मामले में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। अब सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को इस योजना के तहत देश का सबसे उत्कृष्ट शहर बनाना है।
नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के साथ योजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में बड़ी संख्या में परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं और रूफटॉप सोलर सिस्टम के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से आम नागरिक अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रहे हैं, जिससे उनकी बिजली पर निर्भरता कम हो रही है और मासिक बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय राहत मिल रही है। साथ ही यह पहल स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने, शिविर आयोजित करने तथा लोगों को योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया गया।

बैठक में वाराणसी को मॉडल सिटी के रूप में विकसित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि चूंकि वाराणसी देश के प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए यहां इस योजना को सर्वोत्तम तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अधिकाधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कराने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सौर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार भी कम लागत में सौर ऊर्जा तकनीक को अपनाने में सक्षम हो रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
मंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वच्छ ऊर्जा आंदोलन का हिस्सा बनें। उनका कहना था कि सौर ऊर्जा न केवल बिजली खर्च कम करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यदि जनसहभागिता और विभागीय समन्वय इसी गति से जारी रहा तो आने वाले समय में वाराणसी सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है। इसी लक्ष्य को लेकर प्रशासन और ऊर्जा विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। “हर छत पर सोलर, हर घर में ऊर्जा आत्मनिर्भरता” के संकल्प के साथ वाराणसी को देश का अग्रणी सोलर सिटी बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
