वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश में आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती परीक्षा में दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलाने के मामले में वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक महीने से फरार चल रहे मूल अभ्यर्थी को आखिरकार चेतगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर आरोप है कि उसने परीक्षा पास करने के लिए साल्वर गैंग की मदद ली थी और इसके एवज में चार लाख रुपये में सौदा तय किया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
परीक्षा के दिन हुआ था फर्जीवाड़े का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 4 जून 2026 को वाराणसी के राजकीय क्वींस कॉलेज में टीजीटी परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान केंद्र पर दस्तावेजों और पहचान की जांच के समय एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच गहराई से की गई तो पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं, बल्कि किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने आया था।
मामले की जानकारी मिलते ही परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य ने चेतगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
बिहार निवासी साल्वर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बिहार के सोनबरसा क्षेत्र के रहने वाले अमृतराज आनंद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि वह बलिया जनपद के उभांव थाना क्षेत्र के निवासी अमन कुमार के स्थान पर परीक्षा देने आया था।
पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरे नेटवर्क की जानकारी दी और बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी शामिल हैं।
निशानदेही पर गैंग का दूसरा सदस्य भी पकड़ा गया
अमृतराज आनंद की निशानदेही पर पुलिस ने 11 जून को साल्वर गैंग से जुड़े एक अन्य आरोपी छोटू कुमार को भी गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।
पुलिस के मुताबिक दोनों ने स्वीकार किया कि परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने के बदले उन्हें दो-दो लाख रुपये मिले थे। इसी खुलासे के बाद पुलिस ने मुख्य अभ्यर्थी अमन कुमार की तलाश तेज कर दी।
लगातार चल रही थी गिरफ्तारी की कोशिश
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। काफी समय तक वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा, लेकिन हाल ही में सूचना मिली कि अमन कुमार अपने पैतृक गांव एकसार पिपरौली, थाना उभांव, जनपद बलिया आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गांव में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में स्वीकार की पूरी साजिश
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अमन कुमार ने स्वीकार किया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होने के उद्देश्य से उसने साल्वर गैंग से संपर्क किया था। उसने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ था और उसी योजना के तहत दूसरे व्यक्ति को परीक्षा देने भेजा गया।
आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपने किए पर पछतावा भी जताया और कहा कि यह उसके जीवन की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। उसने भविष्य में इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि से दूर रहने की बात कही।
जेल भेजा गया आरोपी
पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस पूरे मामले में यह भी जांच कर रही है कि साल्वर गैंग के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस तरह की घटनाओं में उनकी क्या भूमिका रही।
भर्ती परीक्षाओं में सख्ती जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धांधली या फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जांच एजेंसियां ऐसे गिरोहों की पहचान कर उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं, ताकि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनी रहे।
