वाराणसी (रणभेरी): कैंट क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में खुले में कचरा डंप किए जाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने के मामले में नगर निगम ने अब कड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मॉल परिसर की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अब प्रकरण को न्यायालय तक ले जाने की तैयारी है। नगर निगम सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मामले में चालान प्रस्तुत किए जाने का अनुरोध करेगा।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, जेएचवी मॉल से बड़ी मात्रा में प्रतिदिन कचरा निकलता है। ऐसे प्रतिष्ठान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के दायरे में आते हैं। नियमों के तहत प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा पैदा करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए कचरे का स्रोत पर ही अलग-अलग किया जाना जरूरी है। इसके साथ ही गीले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था संबंधित परिसर में ही किए जाने का प्रावधान है।
नगर निगम का कहना है कि मॉल जैसे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने यहां निकलने वाले गीले, सूखे और अन्य प्रकार के कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना चाहिए। इसके बावजूद जेएचवी मॉल परिसर में कचरे को व्यवस्थित तरीके से निस्तारित करने के बजाय उसे एक स्थान पर डंप किए जाने की शिकायत सामने आई है।
अधिकृत एजेंसी की गाड़ी उपलब्ध, फिर भी नहीं हो रहा नियमित निस्तारण
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, नगर निगम की ओर से अधिकृत एजेंसी मेसर्स वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी मॉल से कचरा लेने के लिए नियमित रूप से उपलब्ध रहती है। इसके बावजूद मॉल प्रबंधन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है।
अधिकारियों का आरोप है कि निर्धारित व्यवस्था के तहत कचरा सौंपने के बजाय परिसर में ही विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट को जमा किया जा रहा है। इसमें सामान्य कचरे के साथ निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा भी शामिल है। नगर निगम ने इसे निर्धारित अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के विपरीत माना है।
नोटिस के बाद भी व्यवस्था में बदलाव नहीं
नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त के स्तर से मॉल प्रबंधन को नोटिस जारी कर व्यवस्था में सुधार करने और नियमों के अनुरूप कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में दी गई अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन निरीक्षण और उपलब्ध जानकारी के आधार पर नगर निगम को स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया।
इसके बाद निगम प्रशासन ने अब अगली कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर संबंधित मामले में चालान भेजने का अनुरोध किया जाएगा। इससे साफ है कि नगर निगम अब केवल नोटिस और चेतावनी तक सीमित रहने के बजाय नियमों के उल्लंघन पर न्यायिक कार्रवाई कराने की तैयारी में है।
कैंट क्षेत्र की छवि को लेकर भी चिंता
जेएचवी मॉल कैंट क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में शामिल है। कैंट इलाका वाराणसी आने वाले पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। आसपास कई बड़े होटल, व्यावसायिक संस्थान और अन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की लगातार आवाजाही के बीच सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा और गंदगी दिखाई देने से शहर की छवि प्रभावित होने की आशंका रहती है।
नगर निगम का मानना है कि वाराणसी जैसे पर्यटन शहर में प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। इसी वजह से निगम ने जेएचवी मॉल के मामले को गंभीरता से लिया है।
बड़े कचरा उत्पादकों पर बढ़ेगी निगरानी
नगर निगम की कार्रवाई को केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं माना जा रहा है। नियमों के तहत बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले होटल, मॉल, मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए स्रोत पर कचरा अलग करना और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था करना आवश्यक है।
नगर निगम आने वाले समय में ऐसे प्रतिष्ठानों की निगरानी और तेज कर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि बल्क वेस्ट जनरेटर यदि अपने स्तर पर कचरे का नियमानुसार प्रबंधन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जेएचवी मॉल के मामले में नोटिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचाने की तैयारी है। अब निगाह इस बात पर है कि सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल होने के बाद इस प्रकरण में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
