BHU ट्रॉमा सेंटर में घायल छात्र के इलाज में देरी का आरोप: साथी छात्रों ने किया हंगामा, सुरक्षाकर्मियों से कहासुनी; 29 टांके लगाए गए

BHU ट्रॉमा सेंटर में घायल छात्र के इलाज में देरी का आरोप: साथी छात्रों ने किया हंगामा, सुरक्षाकर्मियों से कहासुनी; 29 टांके लगाए गए

वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बिरला सी छात्रावास में रहने वाले एमए द्वितीय वर्ष के छात्र राम के सड़क हादसे में घायल होने के बाद रविवार सुबह बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में छात्रों की भीड़ जुट गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद राम को समय पर जरूरी उपचार नहीं मिला। इलाज में देरी को लेकर छात्रों ने अस्पताल में जल्द उपचार शुरू करने की मांग की।

जानकारी के अनुसार, फ्रेंच विभाग में एमए द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले राम का शनिवार देर रात करीब 12 बजे सड़क हादसा हो गया था। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने घायल छात्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उसे भर्ती कराया गया।

सुबह साथी छात्रों को मिली जानकारी

राम के हादसे की जानकारी मिलने के बाद बिरला सी छात्रावास के कई छात्र रविवार सुबह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। छात्रों का कहना था कि राम की स्थिति गंभीर थी और उसके घाव का तत्काल उपचार जरूरी था। छात्रों ने अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों से इलाज में तेजी लाने की मांग की।

छात्रों का आरोप है कि काफी समय गुजरने के बावजूद राम के गंभीर घाव पर टांके नहीं लगाए गए थे। छात्रों के लगातार आग्रह के बाद उपचार शुरू हुआ। इसके बाद घायल छात्र के गंभीर घाव पर 29 टांके लगाए गए।

सुरक्षाकर्मियों से हुई कहासुनी

इलाज में देरी को लेकर छात्रों और ट्रॉमा सेंटर के सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। छात्रों का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और धमकी भरे अंदाज में बातचीत की।

मामले की जानकारी मिलने पर बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। छात्रों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने की बात भी छात्रों ने कही है।

बोले छात्र, विवाद नहीं इलाज की मांग थी

छात्रों का कहना है कि वे किसी तरह का विवाद करने के लिए ट्रॉमा सेंटर नहीं पहुंचे थे। उनका उद्देश्य केवल घायल साथी को समय पर बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना था। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल की व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।

BHU ट्रॉमा सेंटर में घायल छात्र के इलाज में देरी का आरोप: साथी छात्रों ने किया हंगामा, सुरक्षाकर्मियों से कहासुनी; 29 टांके लगाए गए

प्रशासन से चार प्रमुख मांगें

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने घायल राम को समय पर और समुचित इलाज उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर के सुरक्षाकर्मियों पर लगाए गए कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की गई।

छात्रों ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी घायल छात्र को इलाज के लिए ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। पूरे मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग विश्वविद्यालय प्रशासन से की गई है।

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