वाराणसी (रणभेरी): देशभर में गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में धर्मनगरी काशी में भी प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। केदारखंड क्षेत्र स्थित प्राचीन श्री श्री 1008 चिंतामणि गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। सुबह से ही मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
गणेशोत्सव को देखते हुए मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। मंदिर परिसर में पान के पत्तों, फूलों और फलों से की गई सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है। विशेष पूजन और भगवान गणेश के श्रृंगार के बाद भक्तों के दर्शन की व्यवस्था की गई। उत्सव के चलते पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
एक ही मंदिर में गणेश के साथ रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के दर्शन
चिंतामणि गणेश मंदिर की प्रमुख विशेषताओं में यहां भगवान गणेश के साथ उनके परिवार का विराजमान होना शामिल है। मंदिर में गणेश जी के साथ रिद्धि-सिद्धि तथा शुभ-लाभ के दर्शन होते हैं। धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालु इसे विशेष महत्व देते हैं। यही वजह है कि काशी के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी लोग यहां पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मान्यता है कि चिंतामणि गणेश के दर्शन और पूजन से मनुष्य की चिंताएं दूर होती हैं। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर मंदिर पहुंचते हैं और गणपति को दूर्वा, लावा, घास तथा मोदक अर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि विधि-विधान और श्रद्धा से पूजा करने पर भगवान गणेश सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

दक्षिणावर्त स्वरूप में विराजमान हैं गणपति
मंदिर के प्रधान पुजारी चल्ला सुब्बाराव शास्त्री के मुताबिक, यह मंदिर काफी प्राचीन है और यहां विराजमान गणेश प्रतिमा को स्वयंभू माना जाता है। मंदिर में भगवान गणेश का दक्षिणावर्त स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर चिंतामणि गणेश का वास है और उनके दर्शन से भक्तों के जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
पुजारी के अनुसार गणपति को दूर्वा, लावा और मोदक अर्पित करने की परंपरा है। भक्त इन सामग्रियों के साथ भगवान से परिवार में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।

बुधवार और गणेश चतुर्थी पर उमड़ती है भारी भीड़
चिंतामणि गणेश मंदिर में हर बुधवार विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। गणेश चतुर्थी के दिन यहां धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष आयोजन होता है। इस अवसर पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
गणेशोत्सव के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कतार में लगना पड़ता है। कई बार भक्तों को अपनी बारी के लिए लंबे समय तक इंतजार भी करना पड़ता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहता है और लोग भगवान गणेश के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। काशी के इस प्राचीन गणेश मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान आस्था, भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
