(रणभेरी): बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में आत्मदाह करने वाले 28 वर्षीय मौलाना अब्दुल कादिर की बुधवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज और मृतक के अस्पताल में दर्ज कराए गए बयान के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, मृतक के भाई ने पत्नी पर आत्मदाह के लिए उकसाने और संपत्ति हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, अब्दुल कादिर मोहल्ला अंसारी के निवासी थे और हुसैनी मस्जिद में मौलाना होने के साथ अजान भी देते थे। करीब चार वर्ष पहले उनका निकाह सादमा (24) से हुआ था। दंपति के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा शामिल है।
घर में लंबे समय से चल रहा था विवाद
स्थानीय लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। आए दिन किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी होती रहती थी। इसी बीच 28 जुलाई की दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक अब्दुल आग की लपटों में घिरे हुए घर से बाहर निकल आए। उन्हें देखकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने वहीं पहुंचकर घायल अब्दुल के बयान दर्ज किए। दो दिन तक इलाज चलने के बाद बुधवार शाम करीब पांच बजे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

मृत्यु से पहले पुलिस को बताई अपनी पीड़ा
अस्पताल में पुलिस को दिए गए बयान में अब्दुल ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती थी। उनका कहना था कि पत्नी अपने भाई के साथ मिलकर मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। विरोध करने पर झगड़ा और मारपीट होती थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी उन पर दूसरी महिलाओं से संबंध होने का झूठा आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी देती थी। अब्दुल ने पुलिस से कहा कि लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया और अब वह पत्नी का चेहरा भी नहीं देखना चाहते।
पहले भी दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले पत्नी ने दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही। हालांकि, मृतक के बयान में दावा किया गया कि बाद में फिर विवाद शुरू हो गया।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के छोटे भाई अब्दुल खालिक ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि घटना वाले दिन उसकी भाभी ने पहले से ही अपने भाई आसिफ को घर बुला रखा था। उनका कहना है कि अब्दुल बाइक की सर्विस कराकर लौटे थे और उनके पास पेट्रोल की बोतल थी। इसी दौरान घर में विवाद हुआ।
खालिक का आरोप है कि झगड़े के दौरान पत्नी ने पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी थी। उनका दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतक के मोबाइल फोन में मारपीट के कुछ वीडियो मौजूद थे, लेकिन मौत के बाद से मोबाइल गायब है।
सीसीटीवी में क्या आया सामने
घटना का करीब दो मिनट पांच सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में पहले गली का सामान्य माहौल दिखाई देता है। कुछ बच्चे खेलते नजर आते हैं और एक बच्ची स्कूल जाती दिखती है। इसके बाद अब्दुल हाथ में पेट्रोल की दो बोतलें लेकर घर के अंदर जाते दिखाई देते हैं।
करीब 16 मिनट बाद वह आग की लपटों में घिरे हुए घर से बाहर भागते हैं। उनके पीछे उनकी पत्नी भी बाहर निकलती है और आसपास के लोगों से मदद मांगती दिखाई देती है। कुछ ही देर में मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच जाते हैं और आग बुझाने का प्रयास करते हैं।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि आत्मदाह की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची थी और घायल का बयान दर्ज किया गया था। अब उसकी मौत के बाद मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिया गया है। परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मृतक के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
