वाराणसी (रणभेरी): भूमि अधिग्रहण और टोल वसूली के विरोध में वाराणसी के ढेरही टोल प्लाजा पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव, लाठीचार्ज और पथराव के बाद मची भगदड़ में एक किसान की कार की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मृत्युंजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के रूप में हुई है। हादसे में एक अन्य किसान के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी है।
घटना के बाद किसानों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने वाराणसी-आजमगढ़ हाईवे पर पहुंचकर सड़क जाम कर दी और धरना शुरू कर दिया। देर तक हाईवे पर वाहनों की कतार लगी रही। बताया गया कि जाम करीब पांच किलोमीटर तक पहुंच गया था।
तिरंगा लेकर टोल प्लाजा पहुंचे किसान
किसानों का समूह हाथों में तिरंगा लेकर ढेरही टोल प्लाजा पहुंचा था। प्रदर्शनकारी भूमि अधिग्रहण और टोल वसूली का विरोध कर रहे थे। मौके पर पुलिस बल पहले से तैनात था। पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब किसान नेता अजीत सिंह ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल रोक लिया और हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए।
पुलिस वाहन को किसानों ने घेरा
अजीत सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद किसानों ने पुलिस वाहन को घेर लिया। इस दौरान धक्कामुक्की होने लगी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में कई किसानों के घायल होने की बात सामने आई है। बताया गया कि दो से तीन किसानों को चोटें आईं, जबकि एक किसान के सिर में गंभीर चोट लगी।

लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की सूचना है। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को चारों तरफ से घेरकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
लाठीचार्ज के बीच मची भगदड़
पुलिस कार्रवाई और पथराव के बीच अचानक भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बचने के लिए कई किसान हाईवे की ओर भागने लगे। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार की चपेट में कुछ प्रदर्शनकारी आ गए। हादसे में मृत्युंजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की मौत हो गई, जबकि एक अन्य किसान गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसानों ने हाईवे पर ही धरना शुरू कर दिया और यातायात रोक दिया। इसके चलते वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
आसपास के क्षेत्रों से किसानों का पहुंचना जारी
घटना के बाद आसपास के इलाकों में भी प्रदर्शन की सूचना फैल गई। बड़ी संख्या में किसान टोल प्लाजा की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने किसानों को मौके तक पहुंचने से रोकने के लिए अलग-अलग चौराहों और प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की।
प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। बताया गया कि 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं।
तनावपूर्ण बना हुआ है माहौल
किसान की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। हाईवे पर धरना जारी रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी किसानों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन की नजर आसपास के इलाकों से आने वाले किसानों पर भी है, ताकि भीड़ को टोल प्लाजा के आसपास एकत्र होने से रोका जा सके। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
