(रणभेरी): रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के उरमौरा स्थित एक निजी अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के बाद 56 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ गई। अस्पताल प्रबंधन द्वारा उसे वाराणसी ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद नाराज परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है।
ग्राम होना निवासी श्रीनिवास के अनुसार, उन्होंने अपनी पत्नी रुकमणी को पित्त की थैली में पथरी की समस्या के उपचार के लिए 28 सितंबर को उरमौरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अगले दिन करीब 11 बजे चिकित्सकों ने महिला को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया।
परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे बाद अस्पताल की ओर से रुकमणी की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि मरीज को बेहतर उपचार के लिए वाराणसी स्थित अस्पताल ले जाना जरूरी है। इसके बाद अस्पताल की एंबुलेंस से महिला को वाराणसी भेज दिया गया।

श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात बताने पर अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों के मुताबिक वाराणसी पहुंचने पर इलाज शुरू करने से पहले 35 हजार रुपये जमा करने की बात कही गई। उन्होंने किसी तरह 20 हजार रुपये जमा किए, लेकिन उनका आरोप है कि इसके बावजूद समय से उपचार नहीं मिल सका। कुछ ही देर बाद रुकमणी की मौत हो गई।
बुधवार को शव लेकर परिजन वापस उरमौरा स्थित अस्पताल पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने तथा प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही की शिकायत सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
