प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में बड़ा बदलाव, दर्शन-दीक्षा पर रोक; साधकों का ड्रेस कोड भी बदला

प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में बड़ा बदलाव, दर्शन-दीक्षा पर रोक; साधकों का ड्रेस कोड भी बदला

(रणभेरी): संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े केली कुंज आश्रम में दर्शन और दीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। आश्रम में फिलहाल दर्शन और दीक्षा की प्रक्रिया रोक दिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह व्यवस्था कितने समय तक जारी रहेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इसके साथ ही आश्रम से जुड़े साधक-साधिकाओं के लिए पहले लागू विशेष वेशभूषा की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

बताया जा रहा है कि अब आश्रम से जुड़े कई साधक सामान्य कपड़ों या कुर्ता-पायजामा में दिखाई देंगे। इससे पहले साधक-साधिकाओं के लिए सफेद मार्किन के वस्त्र और पीला अचला पहनने की व्यवस्था थी। हालांकि, इन बदलावों की आश्रम की ओर से अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।

घटना के बाद उठे कई सवाल

यह पूरा घटनाक्रम आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद सामने आया है। 25 सितंबर को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस जांच के दौरान कमरे से इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मिलने की बात भी सामने आई। मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और निजी अंग पर भी चोट के निशान पाए गए थे। पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रिक ग्राइंडर को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अत्यधिक रक्तस्राव को मौत की वजह बताया गया है।

सामने आया बदलाव से जुड़ा पैम्पलेट

केली कुंज में साधकों की वेशभूषा को लेकर एक पैम्पलेट सामने आया है। इसमें हालिया घटनाक्रम का हवाला देते हुए आश्रम से जुड़े लोगों के लिए नए निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों के मुताबिक, व्यवसाय या अन्य कामकाज से जुड़े विरक्त अथवा गृहस्थ शिष्यों को अब सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना होगा। इसी तरह आश्रम की सेवा से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी सामान्य वेशभूषा निर्धारित की गई है।

सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति फिलहाल उन विरक्त शिष्यों तक सीमित किए जाने की बात कही गई है, जो संत प्रेमानंद महाराज की सेवा अथवा केली कुंज की व्यवस्था से सीधे जुड़े हैं।

पैम्पलेट में यह भी संकेत दिया गया है कि आश्रम की व्यवस्था में आगे और बदलाव किए जा सकते हैं। इनका असर भविष्य में आश्रम से जुड़ने वाले नए शिष्यों और दीक्षा लेने वालों पर भी पड़ सकता है।

आत्महत्या की वजह अब भी जांच का विषय

रसिक दुलारी शरण की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्होंने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस और आश्रम से जुड़े लोगों की ओर से फिलहाल इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

कमरे से ग्राइंडर मिलने और शरीर पर निजी अंग से संबंधित चोटों के कारण जांच कई सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोटें किस परिस्थिति में आईं और क्या मृतक ने खुद को नुकसान पहुंचाया था। इन सवालों का जवाब फोरेंसिक और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

30 से अधिक लोगों से पूछताछ

मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस केली कुंज आश्रम भी पहुंची। सीओ वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ आश्रम पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों ने आश्रम में करीब आधे घंटे से अधिक समय बिताया। सीओ वृंदावन के मुताबिक, अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रसिक दुलारी शरण की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और उनके शरीर पर मिले चोटों का कारण क्या था। फिलहाल मामले में कई सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।

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