अस्पताल से बच्ची को अगवा करने का आरोप, 200 CCTV खंगालने के बाद पकड़ा गया आरोपी; शव बरामद
(रणभेरी): गोरखपुर में 10 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार पुलिसकर्मी को गुरुवार को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। आरोपी सिपाही को देखते ही अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश फैल गया। कर्मचारियों ने उसे घेरकर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को भीड़ से बचाया और सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सिपाही ने ही बच्ची को अस्पताल परिसर से अपने साथ ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। बच्ची का शव गुरुवार सुबह उसकी निशानदेही पर बरामद किया गया। पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ गलत हरकत भी की गई हो सकती है। इसकी पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगी।
बीमार बहन को खाना देने अस्पताल गई थी बच्ची
मामला गोरखपुर का है, जहां आजमगढ़ निवासी एक परिवार पिछले कुछ वर्षों से किराए के मकान में रह रहा था। परिवार का खर्च पिता ई-रिक्शा चलाकर उठाते हैं। उनकी पत्नी गर्भवती हैं और उनकी पांच बेटियां हैं।
परिवार की 13 वर्षीय बेटी की तबीयत खराब होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 28 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे उसकी 10 वर्षीय छोटी बहन बीमार बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची थी। खाना देने के बाद रात करीब 10 बजे वह घर लौटने के लिए निकली, लेकिन काफी समय बाद भी वापस नहीं पहुंची। परिजनों ने बच्ची की तलाश शुरू की। जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई और गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
बहन ने पुलिस को दी अहम जानकारी
बच्ची की बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि अस्पताल परिसर में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी दोनों बहनों के पास आया था। उसने उनका पता पूछा और रात अधिक होने की बात कहते हुए घर छोड़ने की पेशकश की थी।
बड़ी बहन के अनुसार, सिपाही छोटी बहन को अपने साथ ले जाने के लिए कह रहा था, लेकिन उसने मना कर दिया था। इसके बाद जब बच्ची अस्पताल से बाहर निकली तो आरोपी उसके पीछे चला गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच तेज कर दी। अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। करीब 200 कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को अहम सुराग मिला।
एक फुटेज में बच्ची अस्पताल से बाहर जाती दिखाई दी। कुछ समय बाद एक वर्दीधारी सिपाही बाइक से उसके पास पहुंचा। दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई और इसके बाद बच्ची बाइक पर बैठती हुई नजर आई।
पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने बच्ची को बहाने से अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार की।
15 किलोमीटर दूर ले जाकर वारदात का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्ची को बाइक से करीब 15 किलोमीटर दूर एक श्मशान घाट की ओर ले गया। वहां उसके साथ क्या हुआ, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गुरुवार सुबह बच्ची का शव बरामद किया।
पहले भी विवादों में रहा है आरोपी सिपाही
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है और गोरखपुर में डायल-112 में तैनात था। वह 2018 बैच का सिपाही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनवरी 2025 में बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में उसे निलंबित किया गया था और जेल भी भेजा गया था। बाद में सितंबर 2025 में उसकी सेवा बहाल हुई थी। आरोपी की सात साल की एक बेटी भी है।
बर्खास्तगी की कार्रवाई और एनएसए लगाने की तैयारी
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उसकी बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। साथ ही उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस अब मामले में सभी साक्ष्यों को जुटाने, मेडिकल जांच और अन्य कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।
