सोने-चांदी के सिक्कों की चमक से दमक उठा बाजार

वाराणसी (रणभेरी सं.)। दीप ज्योति पर्व शृंखला का आरंभ कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि पर 29 अक्टूबर को धनतेरस से होगा, लेकिन इस बार इससे पांच दिन पहले ही श्रीसमृद्धि का महायोग बन रहा है। कार्तिक कृष्ण अष्टमी तिथि में 24 अक्टूबर-गुरुवार को पुष्य नक्षत्र मिल रहा। देवगुरु बृहस्पति के दिन पुष्य नक्षत्र की उपस्थिति से बन रहा गुरु पुष्य योग शुभ-लाभ का विशेष संयोग बनाएगा। यह विशेषकर चतुर्दिक यात्रा के लिए प्रशस्त माना जाता है, लेकिन नक्षत्र विशेष के स्थायित्व प्रदाता होने से इसे स्थिर लक्ष्मी संग्रह समेत क्रय का अपुच्छ मुहूर्त माना जाता है। लक्ष्मी-नारायण पूजन समेत किया गया कार्य स्थायी और शुभ फलदायी हो जाता है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के सदस्य ख्यात ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय के अनुसार कार्तिक कृष्ण अष्टमी तिथि में 24 अक्टूबर को सुबह 11.48 बजे के बाद पुष्य नक्षत्र मिल रहा है जो अगले दिन दोपहर 12.22 बजे बजे तक रहेगा।
रामलला, विक्टोरिया, लक्ष्मी-गणेश के सिक्के, नोट व मूर्ति की मांग
बाजार पूरी तरह धनतेरस और दीपावली के मूड में आ गया है। सोने-चांदी के अप्रत्याशित बढ़ती कीमत के साथ ही बाजार की तैयारी भी कम नहीं है। बाजार गुलजार है और बढ़ती कीमत का कोई असर फिलहाल तो नहीं दिख रहा। चूंकि सोने-चांदी की खरीद निवेश के सापेक्ष होता है इसलिए बनारस के बाजार को अबकी धनतेरस और दीवाली से बहुत आस है। बोनस और दिवाली से पूर्व कई संस्थानों में वेतन या पर्व अग्रिम बंटने से बाजार के रौनक के बरकरार रहने की आश्वस्ति अभी से प्रबल है। गहने, बर्तन, कपड़े आदि की दुकानों पर अब शाम को सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा लोग उमड़ने लगे हैं। लोग त्योहार के साथ-साथ लगन की भी खरीदारी कर रहे हैं। विभिन्न देशों में उपजे तनाव से सोने-चांदी का भाव बढ़ने के बाद भी बाजार झूम उठा है। सोने-चांदी के सिक्कों की खनक से कारोबार चमकने लगा है। सबसे अधिक रामलला, विक्टोरिया, लक्ष्मी-गणेश के सिक्के, सोने और चांदी के नोट व मूर्तियों की मांग हो रही है। सोने का भाव 81 हजार तो चांदी का भाव लगभग एक लाख के पास पहुंच गया है। मंगलवार को बनारस के बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव 80,980 रुपये था तो एक किलो चांदी का भाव 99,250 रुपये हो गया था। अगर यही स्थिति रही तो सोने-चांदी का भाव और बढ़ सकता है।
यही कारण कि लोग सोना ज्यादा खरीद रहे हैं। इसके पीछे उनका एक उद्देश्य निवेश करना भी है। धनतेरस व दीवाली को लेकर चांदी के बर्तन की भी मांग बढ़ी है। साथ ही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति भी। ये सामग्री 20 से 500 ग्राम तक में उपलब्ध है। साथ ही रामदरबार, राजा-रानी के सिक्कों की भी खूब मांग हो रही है। वहीं बाजार में चांदी के 5 ग्राम से एक किलो तक के सिक्के उपलब्ध हैं। वहीं सोने के सिक्के एक ग्राम से 100 ग्राम तक के हैं। रामलला के सिक्कों की अधिक मांग है। साथ ही लग्न को लेकर लोग अन्य आभूषण भी खरीद रहे हैं और एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं। करवा चौथ के बाद से ही बाजार में रौनक बढ़ गई है। लोग सोने-चांदी के सिक्कों के साथ ही वेडिंग ज्वेलरी की बुकिंग खूब कर रहे हैं। लोग बुकिंग ज्वेलरी धनतेरस के शुभ दिन लेने वाले हैं।