सिस्टम चौकन्ना...अपने अंदाज में जी रहा अल्हड़ बनारस

सिस्टम चौकन्ना...अपने अंदाज में जी रहा अल्हड़ बनारस

कमिश्नरेट पुलिस, नगर निगम, एनडीआरएफ, जल पुलिस, मंदिर प्रशासन, रेलवे के जवानों की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में 

वाराणसी (रणभेरी सं.)। बीते दिनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अचानक एक लाख से अधिक भीड़ उमड़ी तो भगदड़ मच गई, लेकिन बनारस में इसकी दस गुना भीड़ हर दिन उमड़ रही है। एक महीने से हर दिन सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ विश्वनाथ धाम में हाजिरी और गंगा स्नान के लिए उमड़ रही है। इसके चलते घाट से लेकर धाम तक 24 घंटे ठसा-ठस भीड़ रहती है। चार पहिया वाहनों से शहर और गलियां श्रद्धालुओं से भी पटी पड़ी हैं। रेलवे स्टेशन की भीड़ देखकर हर कोई हैरत में है। रोडवेज बस अड्डे पर श्रद्धालुओं की भीड़ परेशान कर रही है। लेकिन बनारस में कमिश्नरेट पुलिस, नगर निगम, एनडीआरएफ, जल पुलिस, मंदिर प्रशासन, रेलवे के जवानों की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में है। इसमें सिविल डिफेंस और व्यापारी संगठन भी हरसंभव मदद कर रहे हैैं।
सुबह, दोपहर, शाम हो या रात। 24 घंटे भीड़ काशी में एंट्री ले रही है। एंट्री से लेकर वापसी तक भीड़ को कमिश्नरेट पुलिस कंट्रोल कर रही है। सबसे ज्यादा चुनौती काशी जोन की पुलिस के सामने है। होमगार्ड, हेड कांस्टेबल, एसआई, एसीपी के साथ एडीसीपी सरवणन टी। सुबह से रात तक भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। समय-समय पर खुद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और एडिशनल सीपी एस चिनप्पा भी निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा वरुणा व गोमती जोन की पूरी फोर्स सड़कों पर रहती है। डायवर्जन के साथ बाहरी वाहनों को पार्किंग में एंट्री और श्रद्धालुओं को धाम के लिए रवाना किया जाता है। भीड़ को नियंत्रित करने में नगर निगम की टीम भी शहरी एरिया में मुस्तैद है। श्रद्धालुओं को सुगम रास्ता उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम के सफाई कर्मचारी 24 घंटे गंगा घाट, सड़क व गलियों के साफ- सफाई में लगे हैं। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने महाकुंभ के लिए 1200 सफाईकर्मियों को लगाया है। साथ ही अपर नगर आयुक्त दुष्यंत मौर्या समेत निगम के हर आला अधिकारी शहर का नियमित भ्रमण कर रहे हैं।

विश्वनाथ धाम में बिना व्यवधान के दर्शन

वाराणसी में श्रद्धालुओं की भीड़ सिर्फ बाबा विश्वनाथ की एक झलक पाने के लिए आ रही है। यही वजह है कि विश्वनाथ धाम में रोजाना औसतन सात लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को नियंत्रित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। बावजूद इसके पिछले एक माह से लगातार मंदिर प्रशासन के कर्मचारी व सुरक्षा में तैनात फोर्स के कुशल नेतृत्व से, बिना व्यवधान दर्शन की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। मंदिर में कुल 1000 कर्मचारी तैनात है, जो भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं। सीईओ विश्व भूषण मिश्रा भी हर समय विजिट करते देखे जाते रहे हैं। वे लगातार श्रद्धालुओं के बीच जाकर उनसे मंदिर व्यवस्थाओं पर बात कर रहे हैं।

एनडीआरएफ व जल पुलिस भी चौकन्ना 

बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा स्नान व नौका विहार के लिए नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक उमड़ रही है। सकुशल स्नान या नौका विहार के लिए प्रमुख घाटों पर एनडीआरएफ की टीम मुस्तैद है। इसके साथ ही जल पुलिस दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी और राजघाट तक लगातार भ्रमण कर लोगों को अवेयर करती है। हर स्थिति का जायजा भी लेती है। एनडीआरएफ की 12 टीम और जल पुलिस के 80 जवान 24 घंटे घाटों पर तैनात रहते हैं।

रेलवे स्टेशन से कंट्रोल की शुरूआत

पलट प्रवाह के दौरान सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ ट्रेनों के जरिए काशी पहुंच रही है। उतनी रवाना भी हो रही है। एक अनुमान के तहत सिर्फ कैंट रेलवे स्टेशन से रोजाना 1 लाख 90 हजार यात्री ट्रेन पकड़ रहे हैं। इतनी बड़ी भीड़ नियंत्रित करना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज पर जीआरपी और आरपीएफ की 500 की टीम भीड़ नियंत्रण में जुटी है, जो रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे भ्रमण कर रही है। खुद स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस, नगर निगम, एनडीआरएफ, जल पुलिस, रेलवे जवान ही नहीं, बल्कि बनारस में उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने में सिविल डिफेंस और व्यापारियों की भूमिका भी अहम है। विश्वनाथ मंदिर गेट-4, दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया, भेलूपुर, रामनगर, कैंट रेलवे स्टेशन समेत शहर में कई जगहों पर सिविल डिफेंस की टीम भीड़ नियंत्रित करते देखी जा सकती है। 

काशी में उम्मीद से ज्यादा भीड़ है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से ही क्राउड मैनेजमेंट की प्लानिंग बना रखी है। इसके तहत जनपद के एंट्री प्वाइंट से लेकर मंदिर तक जगह-जगह पुलिस फोर्स 24 घंटे भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी है। एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी भी सुबह से रात तक डटे रहते हैं। -मोहित अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर