जुमलेबाजी नहीं विकास की बात करती हैं समाजवादी पार्टी : हारून अंसारी

जुमलेबाजी नहीं विकास की बात करती हैं समाजवादी पार्टी  : हारून अंसारी
  • भाजपा के लोग सिर्फ करते हैं जुमलेबाजी, झूठे विकास का पीटते हैं ढिंढोरा
  • जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी भाजपा सरकार
  • बेरोजगारी और महंगाई से जनता परेशान

वाराणसी (रणभेरी): पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुटी प्रमुख पार्टियों का झुकाव छोटे सियासी दलों की तरफ बढ़ा है। भाजपा और सपा समेत लगभग सभी दल समाजिक और क्षेत्रीय समीकरण सुधारने के लिए छोटे दलों का सहारा ले रहे हैं। छोटे दल भले ही जिले तक सीमित हों पर उनका प्रभाव काफी बड़ा है। यह दल जाति आधारित है। इनका क्षेत्र विशेष प्रभाव रहता है। उनके इस प्रभाव को भुनाने की फिराक में बड़ी सियासी पार्टियां मशक्कत कर रही हैं।

चुनावी माहौल के बीच प्रबुद्ध वर्ग यानी ब्राह्मण वर्ग का वोट लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। सपा-बसपा ब्राह्मणों को साधने के साथ साथ महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दों पर बीजेपी को घेर रही है वहीं भी अपने साढ़े चार साल का लेखाजोखा जनता के बीच में रखकर चुनावी तैयारियों में जुटी है। हर राजनीतिक दल जातिगत राजनीति के सहारे 2022 की चुनावी नाव को पार लगाना चाहता है। प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने छोटे दलों से गठबंधन करने का निर्णय लिया है। अखिलेश ने साफ तौर पर कहा भी है कि बड़ी पार्टियों से हमारा गठबंधन का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। इस कारण इस बार हम छोटे दलों के साथ चुनाव लड़ेगें। सपा ने महान दल के साथ हांथ मिलाया है। उसका प्रभाव बरेली, बदायूं और आगरा क्षेत्र के सैनी, कुशवाहा शाक्य के बीच है। इसके अलावा जनवादी पार्टी भी सपा के साथ है। इसके अलावा सपा का आरएलडी से गठबंधन लोकसभा चुनाव से चला आ रहा है। अब सीटों को लेकर बात हो रही है। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के साथ गठबंधन की घोषणा कर रखी हैं। ओमप्रकाश राजभर के भागीदारी संकल्प मोचरे में भारतीय वंचित पार्टी, जनता क्रांति पार्टी, राष्ट्र उदय पार्टी और अपना दल शामिल है।

यह पार्टियां अभी जाति विशेष में अपनी पकड़ के कारण चुनाव में असरदार साबित होती है। 2017 के विधानसभा चुनावों में, सुभासपा ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जिसमें से चार पर जीत हासिल की थी। एक सहयोगी के रूप में सुभासपा के साथ, सपा राजभर के वोटों को हासिल करने के लिए आशान्वित है। समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार को बेरोजगारी, महंगाई औ? भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने में जुटी हैं। अखिलेश यादव की सक्रियता और लोकप्रियता ने यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार फिर से एक नया मोड़ ला दिया है। अखिलेश यादव को जिस तरीके से युवाओं का समर्थन और साथ मिल रहा है उससे यह सुनिश्चित है कि अखिलेश आज भी युवाओं के लोकप्रिय नेता हैं। अखिलेश के कुनबे को मजबूत होता देख अन्य पार्टियों की नींदे उड़ गई है। सभी पार्टियां विधानसभा चुनाव 2022 में अपना दमखम\ दिखाने में जुट गई है। इसी क्रम में आपके अखबार ‘रणभेरी’ ने यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 की रणनीतियों को लेकर समाजवादी पार्टी के 390 कैंट विधान सभा के प्रत्यासी और लल्लापुरा के पार्षद हरुन अंसारी से बात की। आईये, जानते है कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की क्या तैयारी है।

समाजवादी पार्टी के हरुन अंसारी से खास बातचीत

सवाल : आपका राजनीति में कैसे आना हुआ ?

जवाब: यह तो बहुत बड़ा सवाल है। मैं और मेरा परिवार नेता जी और समजवादी पार्टी के साथ एक लंबे अर्शे से जुड़े है। वर्ष 2000 में मैंपार्टी में आया। 2002 में मनोज राय (पप्पू) जी चुनाव लड़ रहे थे और तब से मैं पार्टी का कार्य देखने लगा और राजनीति में सक्रिय हो गया।

सवाल : आगामी विधान सभा चुनाव के लिए आपकी क्या तैयारियां चल रही है ?

जवाब : इस बार चुनाव में मुद्दे ही मुद्दे है। भारतीय जनता पार्टी से जो जनता को उम्मीदें थी उस पर बीजेपी खरी नहीं उतर पायी।महंगाई, शिक्षा या फिर चिकिस्ता का मामला होहर क्षेत्र में बीजेपी निष्क्रिय भूमिका निभाई है। पूरे कोरोना काल मे हर वार्ड में एंबुलेंस पहुँचाने का कार्य अगर किसी ने किया तो वो अखिलेश यादव ने।

सवाल : अगर आप विधायक बनते है तो ऐसे कौन कौन से कार्य होंगे जो भाजपा केविधायक नहीं कर पायी अभी तक बनारस मेंवो आप करेंगे ?

जवाब: बनारस एक प्राचीन शहर है। अभी मैं लल्लापुरा इलाके का पार्षद भी हूं। रणभेरी के माध्यम से यह बताना चाहता हूं की स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर भाजपा के लोगों ने जनता की आंखों में सिर्फ धूल झोंकने का काम किया। स्मार्ट सिटी के नाम पर भाजपा के लोगों ने जनता का पैसा लूटा, बर्बाद किया।

सवाल : आपको ऐसा नहीं लगता की अखिलेश यादव सिर्फ ट्वीटरट्विटर की राजनीति खेलते है ?

जवाब: यह बात सच है की आज टेक्नॉलॉजी बहुत आगे बढ़ चुकी है। आज ट्वीटर, यूटुयुब या चैनल सूचना संचार का एक महत्वपूर्ण मध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से अपनी बात सीधा जनता तक आसानी से पहुंचती है। इसका यह मतलब नहीं की समजवादी पार्टी संघर्ष नहीं की है। भाजपा वाले सिर्फ बयानबाजी जानते हैं। उनके एक नेता ने तो एक बार यहां तक बोल दिया कि मैंने फेसबुक पर फलाना चीज शेयर किया था, जबकी उस वक्त फेसबुक आया भी नहीं था। तो इनके नेता की तो बात ही अलग है।

सवाल: आपका कहना है कीअखिलेश यादव एक युवा नेता है तो आप आनेवाले युवा नेता को बंद कमरे मे राजनीति करने का संदेश दे रहे है ?

जवाब: अभी एक सप्ताह पहले ही अखिलेश यादव गाजीपुर से लखनऊ तक की विकास यात्रा लेकर निकले और ऐसा कही भी नहीं था की किसी भी जिले में कार्यकर्ता नहीं थे। वो सभी किसानों से मिले, मध्यम वर्गीय परिवार से मिले। जनता समजवादी पार्टी के तरफ आस भरी नजरो से देख रही है। अखिलेश यादव की सरकार आयेगी तो युवाओं को रोजगार मिलेगा, पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं को लैपटॉप दिया जायेगा।

सवाल: क्या लैपटॉप दे देने से बेरोजगारी कम हो जायेगी ?

जवाब: लैपटॉप पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं को दिया जाएगा। रही बात बेरोजगारी की तो वर्तमान सरकार से पूछना चाहिए हम तो विपक्ष है। लैपटॉप और स्मार्ट फोन पढ़ने वालों युवाओं को दिया जाएगा। कोरोना काल मे जिस तरह बच्चों को पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ा वो दिक्कत दुबारा न हो। हमारी सरकार जो कहती है वो करती है।इन चीजों को देना बस युवाओं को आगे बढ़ाने का एक मध्यम है।

सवाल : वार्ड न. 73 लल्लापुरा के आप पार्षद है और एक विधायक प्रत्याशी भी। लल्लापुरा की जनता तो कहती है की उनके इलाके में ना साफ सफाई होती है ना कोई विकास कार्य होता। तो जब आप एक पार्षद पद को नहीं निभा पा रहे है तो विधायक पद को कैसे संभालेंगे ?

जवाब: अब ऐसा नहीं है। जब से मैं पार्षद बना तब से सफाई का कार्य हो रहा हैं। सीवर भी जहां जहां टूटे थे उसे दुरुस्त कर दिया गया। सड़के गढ़ा मुक्त कर दिया गया है। आठ वार्ड में मेरा वार्ड लल्लापुरा सफाई के मामले में सबसे स्वक्छ है।

सवाल: हमारे अखबार रणभेरी के माध्यम से जनता को क्या संदेश देंगे ?

जवाब: मैं रणभेरी अखबार के माध्यम से जनता से बस इतना ही कहना चाहता की आप अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार बनाये। आपकी सारी समस्याओं को सुना जायेगा। सबका निस्तारण होगा। एक बार फिर से मौका दिया जाए, हमारी पार्टी की सरकार आपके उम्मीदों पर खरी उतरेगी। समाजवादी पार्टी जुमलेबाजी नहीं विकास करेगी।