वाराणसी के रविदास घाट पर छोड़ी गई दो लाख से अधिक मछलियां, NMCG के तहत हो रहा कार्यक्रम

वाराणसी के रविदास घाट पर छोड़ी गई दो लाख से अधिक मछलियां, NMCG के तहत हो रहा कार्यक्रम

(रणभेरी): वाराणसी के रविदास घाट पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत गंगा नदी में  2 लाख 12 हजार मछलियों को छोड़ा गया। गंगा नदी में मछलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए केन्द्रीय अन्तस्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी) द्वारा वाराणसी में जन जागरूकता सह रैचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत गंगा में मछलियों को छोड़ने के लिए बड़ी संख्या में समाजसेवी मौजूद रहे। राष्ट्रीय नदी रैंचिंग कार्यक्रम 2023 के अवसर पर गंगा नदी में विलुप्त हो रहे मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण एवम् संवर्धन को ध्यान में रखते हुए जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

डॉ. वीके राय ने बताया कि हम हर साल गंगा में रैंचिंग करते हैं। इस बार रैंचिंग मिशन टू है, जिसमें 25 लाख वेस्ट बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक 12 स्टेशन में रैंचिंग कर रहे हैं। हर स्टेशन पर 2 लाख 10 हजार के करीब मछलियों को छोड़ा जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त माह में वाराणसी में 2 लाख मछलियां छोड़ी गई थी । इस बार 2 लाख 12 हजार मछलियां छोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि मछली छोड़ने का उद्देश है कि मछलियों का अनुवांशिक विकास हो और मछुआरों को फायदा हो। मत्स्य विज्ञान के उप महानिदेशक डॉ. जेके जेना ने कहा कि मछलियां गंगा नदी की स्वच्छता को बनाए रखने में मदद करेंगी। इस कार्यक्रम में स्थानीय मछुआरों को गंगा नदी में पाई जाने वाली मछलियों के स्वास्थ्य व संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया है। नदी प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ रहेगी तो उसका एक बड़ा लाभ स्थानीय मछुआरों को मिलता है।