काशी में सीएम योगी का पहला जनता दरबार: पीड़ितों से सीधे सुनी समस्याएं, टीचर प्रवीण झा की पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह सर्किट हाउस में पहला जनता दरबार लगाया। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में करीब 150 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुँचे। इनमें से 100 फरियादियों को अंदर बुलाया गया, जबकि 50 लोगों की एप्लिकेशन अधिकारियों ने गेट पर ही ले ली। अधिकांश शिकायतें पुलिस की लापरवाही, हत्या, ठगी, चोरी और जमीन विवाद से जुड़ी रहीं।
टीचर प्रवीण झा की पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार
जनता दरबार में सबसे ज्यादा चर्चा सनबीम स्कूल के शिक्षक डॉ. प्रवीण झा की हत्या के मामले में हुई। उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री से कहा—“मेरे पति की नौ दिन पहले अपार्टमेंट की पार्किंग विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। आरोपियों पर सख़्त कार्रवाई हो।” सीएम योगी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि न्याय मिलेगा। प्रवीण झा की हत्या 21 अगस्त की रात हुई थी। अपार्टमेंट निवासी आदर्श सिंह और उसके दो साथियों ने मामूली विवाद में ईंट और रॉड से हमला कर दिया था, जिससे झा की मौत हो गई। पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
छितौना कांड और महिलाओं की सुरक्षा पर उठी आवाज़
भाजपा जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह भी अपने समर्थकों के साथ दरबार पहुँचे। उन्होंने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के प्रतिनिधि के रूप में छितौना कांड में पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा अर्चना सेठ ने उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कहा कि पुलिस को कड़े निर्देश दिए जाएं। वहीं भाजपा से जुड़ी व्यापारी नेता चांदनी श्रीवास्तव ने भी क्षेत्रीय समस्याओं को सामने रखा।
पूर्व सैनिक की फरियाद
चोलापुर के रिटायर्ड आर्मी मैन दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि गांव के दबंगों ने सरकारी खड़ंजे को 15 मीटर तक उखाड़कर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा—“मैं तीन बार जनता दरबार आ चुका हूँ, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।” सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान होगा।
पांचवीं बार जनता दरबार पहुँची महिला, ठगी का आरोप
वाराणसी के चेतगंज की रहने वाली रीता ने कहा कि बदमाशों ने IPS प्रमोद कुमार और मुख्यमंत्री का सचिव बनकर उनके साथ 20 लाख की ठगी की। उन्होंने आरोप लगाया कि “पुलिस और भाजपा नेता सुस्त हैं, बहन-बेटियों की कोई सुनवाई नहीं है।”
कॉलेज की 2000 शिक्षिकाओं की नौकरी गई
अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की शिक्षिकाएं भी मुख्यमंत्री से मिलीं। उनका कहना था कि प्रबंधन ने अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं, जिससे रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
और भी आए मामले
- दिव्यांग फरियादी ने नेत्रहीनों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की मांग रखी।
- एक कलाकार ने प्रदर्शनी लगाने के लिए उचित दर पर हॉल मांगा।
- सीवर कनेक्शन, कच्ची सड़कों को पक्का करने, जमीन और चक रोड के विवादों से जुड़ी शिकायतें आईं।
- चंदौली से आए फरियादी ने मुआवजे न मिलने की शिकायत की।
सीएम का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा— कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समस्याओं पर कार्रवाई करते हुए त्वरित निस्तारण करने और फरियादियों का फीडबैक लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक-पुलिस के आलाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बच्चों से भी की मुलाकात
योगी ने पीड़ितों के साथ आए बच्चों से भी मिले। सीएम ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। सीएम ने पूछा कि स्कूल जाते हो या नहीं, पढ़ाई कैसी चल रही है। मन लगाकर पढ़ाई करना। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की भी शुभकामनाएं दीं।