इमरान खान की ज़िंदगी पर सबसे बड़ा सवाल, जेल में हैं या कहीं और?

इमरान खान की ज़िंदगी पर सबसे बड़ा सवाल, जेल में हैं या कहीं और?

(रणभेरी): पाकिस्तान की राजनीति में सबसे बड़ा रहस्य इस समय एक ही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान आखिर हैं कहां और किस स्थिति में हैं? उनकी ज़िंदगी से जुड़ा इतना बड़ा सवाल खुद उनके बेटे कासिम खान ने दुनिया के सामने रखा है। कासिम ने गुरुवार को X पर लिखा कि 845 दिन पहले गिरफ्तार किए गए उनके पिता की 6 हफ्तों से कोई जानकारी नहीं है। न मुलाकात, न फोन कॉल, न कोई मैसेज। उन्होंने दावा किया कि इमरान को एक अकेले ‘डेथ सेल’ में रखा गया है और सरकार उनके पिता की वास्तविक हालत छिपा रही है।

कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं को तक इमरान से मिलने नहीं दिया जा रहा। उनका आरोप है कि यह कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि सच्चाई छिपाने की सोची-समझी साजिश है। “किसी को नहीं पता कि मेरे पिता जिंदा हैं या नहीं,” कासिम की यह पंक्ति पाकिस्तान की सियासत और जनता दोनों को झकझोरने के लिए काफी थी।

इमरान की बहन नोरीन नियाजी भी लगातार यही आगाह कर रही हैं कि जेल प्रशासन जानबूझकर जानकारी छिपा रहा है। इंडिया टुडे से बातचीत में नोरीन ने मौजूदा शासन की तुलना हिटलर के शासन से भी बदतर बताते हुए कहा कि अगर उनके भाई के साथ कुछ हुआ तो सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का परिवार सुरक्षित नहीं रहेगा। नोरीन ने दावा किया कि परिवार को इमरान की स्थिति के बारे में शून्य जानकारी है। मंगलवार को मुलाकात का निर्धारित दिन था, लेकिन परिवार और PTI नेताओं को जेल गेट से ही लौटा दिया गया। नोरीन ने कहा कि भारत से इमरान की मौत की अफवाह फैलने के बाद परिवार पूरी तरह दहशत में है।

अडियाला जेल के बाहर लगातार बढ़ते तनाव ने गुरुवार को हिंसक मोड़ ले लिया, जब खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी अपने नेताओं के साथ इमरान की सेहत की जानकारी मांगने पहुंचे। अफरीदी को पुलिस ने सड़क पर गिराकर लात-घूंसे मारे, जिसके बाद PTI नेताओं और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। अफरीदी ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने इमरान की हालत पर सच नहीं बताया तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरेंगे और बड़े पैमाने पर विरोध होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इमरान की स्थिति की जानकारी छिपा रही है और इससे जनता के भरोसे को चोट पहुंच रही है।

दूसरी ओर, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पूरा घटनाक्रम उलटते हुए दावा किया कि इमरान किसी मुश्किल में नहीं हैं। उनके मुताबिक इमरान को जेल में टीवी, बाहर का खाना, जिम इक्विपमेंट, डबल बेड और मखमली बिस्तर तक दिया गया है। आसिफ ने कहा कि जनता को गुमराह करने से पहले PTI समर्थकों को खुदा से डरना चाहिए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकार इतनी सुविधाओं की चर्चा कर रही है, जबकि परिवार से मुलाकात और स्वास्थ्य रिपोर्ट जैसे मूल अधिकारों पर चुप्पी साधे हुए है।

इस मामले में अदालत भी बेबस दिख रही है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में ही इमरान खान को परिवार और वकीलों से मुलाकात की नियमित अनुमति दी थी। अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा आदेश जारी किया, लेकिन जेल प्रशासन ने आज तक इसका पालन नहीं किया। हाईकोर्ट के आदेश तक को अनदेखा किया जाना संदेह को और गहरा बना देता है, आखिर पाकिस्तान कि सरकार क्या छिपा रही है?

सोशल मीडिया पर अब यह सवाल धधक रहा है कि इमरान खान को कहीं दूसरी जेल में शिफ्ट तो नहीं कर दिया गया? या इससे भी बड़ा डर — क्या उन्हें कोई नुकसान पहुंचा है? बिना तस्वीर, बिना वीडियो और बिना मेडिकल अपडेट के केवल “इमरान ठीक हैं” कह देना जनता के विश्वास को नहीं रोक पा रहा।

PTI की चेतावनी और भी स्पष्ट है — अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो पाकिस्तान ऐसे अस्थिर दौर में घुस जाएगा जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सत्ता और सेना नेतृत्व पर होगी। पार्टी ने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने वालों की जांच जरूर हो, लेकिन उससे पहले सरकार को इमरान की वास्तविक स्थिति दुनिया के सामने रखनी चाहिए।

हर दिशा में एक ही सवाल गूंज रहा है इमरान खान हैं कहां? क्या वे सचमुच अडियाला जेल में हैं या सार्वजनिक नजरों से दूर किसी गुप्त ठिकाने पर रखे गए हैं? परिवार को पूरी तरह अलग कर देना, कोर्ट के आदेश को न मानना, मुलाकातों पर प्रतिबंध, अचानक अफवाहों का उठना और सरकार की सतही सफाई सब मिलकर यह राज और गहरा कर रहे हैं।

जब तक सरकार मुलाकात की अनुमति नहीं देती और इमरान खान की वास्तविक तस्वीर या मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती, तब तक यह संशय जस का तस बना रहेगा