(रणभेरी): बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी संगठनों की ओर से बुलाए गए पंजाब बंद का गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में असर दिखाई दिया। प्रदेश के 12 जिलों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और कई सरकारी गतिविधियां प्रभावित रहीं।
लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट, मोगा, रूपनगर, फरीदकोट और गुरदासपुर में प्रदर्शनकारियों ने बंद का समर्थन करते हुए दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। कई स्थानों पर प्रदर्शन और रैलियां निकाली गईं।
अमृतसर में पुलिसकर्मी की मौत, प्रदर्शन स्थल पर तनाव
अमृतसर में बंद के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। भंडारी पुल पर तैनात एंटी राइट पुलिस के जवान रणबीर सिंह की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, वह किसी आपातकालीन सूचना के बाद घर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान पुल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाई गई रस्सी उनके गले में फंस गई, जिससे वह स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए। गंभीर चोट और दम घुटने के कारण उनकी जान चली गई।

घटना के बाद भंडारी पुल पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा दिया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में डंडे और लोहे की रॉड भी दिखाई दीं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया। कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन
सफाई कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि 22 जुलाई को बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। संगठनों के अनुसार, इस कार्रवाई में कई कर्मचारी घायल हुए और कुछ के सिर पर गंभीर चोटें आईं। महिला कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारी बरनाला के डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद सरकार की ओर से डीएसपी को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई।
लुधियाना में बंद रहे प्रमुख बाजार
लुधियाना में बंद का असर शहर के प्रमुख बाजारों में देखने को मिला। चौड़ा बाजार, घंटाघर क्षेत्र, किताब बाजार, केसरगंज मंडी, जवाहर नगर कैंप, बस्ती जोधवाल, टिब्बा रोड और ताजपुर रोड सहित कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं।

प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर चौक के पास एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने दावा किया कि शहर में बंद पूरी तरह सफल रहा। वहीं नगर निगम ए-जोन कार्यालय के बाहर धरना जारी रखने की बात भी कही गई।
होशियारपुर में मिनी सचिवालय खाली करवाया गया
होशियारपुर में बंद के दौरान मिनी सचिवालय खुला रहने को लेकर प्रदर्शनकारी नाराज हो गए। संगठन के सदस्यों ने कार्यालय के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्यालय बंद नहीं कराया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और परिसर खाली करवाया।
पठानकोट में निगम कार्यालय पर लगाया ताला
पठानकोट में सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। शहर के मुख्य बाजार बंद रहे, हालांकि कुछ गली-मोहल्लों की दुकानें खुली रहीं।
नगर निगम के सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और ड्राइवर यूनियन ने काम बंद रखा। प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकालकर बंद का समर्थन करने की अपील की।
गुरदासपुर में बाजार बंद, संगठनों ने दिया समर्थन
गुरदासपुर में भी बंद का असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजारों में अधिकतर दुकानें बंद रहीं। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि जब तक कच्चे सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का आधिकारिक फैसला लागू नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
जालंधर में दुकानें खुलीं, निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
जालंधर में बंद का असर सीमित रहा। शहर के बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। हालांकि नगर निगम कार्यालय के बाहर सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कंपनी बाग चौक के पास मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर विरोध जताया।
मोहाली में मिला-जुला असर
मोहाली शहर में बंद का ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला। हालांकि खरड़, डेराबस्सी और कुराली क्षेत्रों में कई दुकानें बंद रहीं।इस बीच सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच मतभेद भी सामने आए। कुछ कर्मचारी नियमित रूप से काम करते नजर आए। डेराबस्सी में प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने यूनियन प्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
सरकार के खिलाफ नाराजगी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
सफाई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
