(रणभेरी): संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल बेहद गर्म दिखाई दिया। एक ओर विपक्षी दलों के सांसद केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसद भी जवाबी विरोध में उतर आए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे संसद भवन के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित इंडिया ब्लॉक के कई सांसद प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई।

उधर, NDA सांसदों ने भी संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और विपक्ष द्वारा किए गए धरने के खिलाफ वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। सत्ता पक्ष के सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए ऐसा भी मौका आया जब प्रियंका गांधी वाड्रा प्रदर्शन कर रहे NDA सांसदों के काफी करीब पहुंच गईं। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखी, जिससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई।
संसद भवन के बाहर जारी राजनीतिक टकराव का असर सदन की कार्यवाही पर भी साफ दिखाई दिया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार शोर-शराबे के कारण अध्यक्ष को पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर में जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। विपक्ष ने फिर से सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई और सदन में हंगामा जारी रखा। लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी हालात अलग नहीं रहे। सदन की शुरुआत से ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। हंगामे के कारण सभापति को पहले कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, दोबारा बैठक शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा और सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार राज्यसभा की कार्यवाही भी अगले दिन यानी 24 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई।मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। NEET पेपर लीक का मामला इस समय विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी विषयों पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। लगातार हो रहे हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है और महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
