(रणभेरी): नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में शुरू हुए आंदोलन का असर अब कई राज्यों तक पहुंच चुका है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और पंजाब सहित कई स्थानों पर छात्र संगठनों, विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली।
पटना में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई
बिहार की राजधानी पटना में छात्र संगठनों ने राज्यपाल भवन की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और नीट परीक्षा में सामने आए कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

जुलूस जब जेपी गोलंबर के पास पहुंचा तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। अधिकारियों ने छात्रों से वापस लौटने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, उसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद कई छात्र बैरिकेडिंग पार कर आगे निकलने में सफल रहे।
घटना के बाद कई छात्र सड़क पर बैठकर धरने पर बैठ गए। लगभग 20 मिनट तक प्रदर्शन जारी रहने के बाद छात्रों ने फिर बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया और आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और यह दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया था।
दिल्ली आंदोलन को मिल रहा राष्ट्रीय समर्थन
छात्र संगठनों का कहना है कि उनका विरोध केवल कथित पेपर लीक तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और शिक्षा का अत्यधिक निजीकरण छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट विवाद को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया। प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
लखनऊ समेत कई शहरों में समाजवादी पार्टी का विरोध
उत्तर प्रदेश के कई जिलों, विशेष रूप से लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की।
इसी बीच, नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी दिल्ली में लगातार धरने पर बैठे रहे। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
मध्य प्रदेश में विधानसभा से लेकर सड़क तक विरोध
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाया। कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। वहीं राजधानी भोपाल सहित कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार से जवाब मांगा।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने में विफल रहने का आरोप लगाया।
अहमदाबाद और जालंधर में भी विरोध
गुजरात के अहमदाबाद तथा पंजाब के जालंधर सहित कई शहरों में भी छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किए। कई जगह ज्ञापन सौंपे गए, जबकि कुछ स्थानों पर रैलियां और धरना-प्रदर्शन आयोजित किए गए।
पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में टकराव
पटना में राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की, डंडों और पत्थरबाजी तक पहुंच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन शुरुआती समय में हस्तक्षेप सीमित दिखाई दिया। बाद में स्थिति को नियंत्रित किया गया।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से डंडे और पत्थरों के साथ मौजूद थे और उन्होंने पहले हमला किया। वहीं कांग्रेस की ओर से भी भाजपा पर माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाए गए। घटना के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
नीट विवाद को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को घेर रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों और छात्र संगठनों ने कई मांगें रखी हैं। इनमें नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल है। देश के विभिन्न हिस्सों में जारी इन प्रदर्शनों के बीच प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
