(रणभेरी): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बुधवार को जालंधर के परागपुर में प्रस्तावित रैली से पहले धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के कुछ स्कूलों को भेजे गए ई-मेल में रैली स्थल के अलावा स्कूलों, श्री देवी तालाब मंदिर और अन्य स्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। ई-मेल में रैली के मंच के नीचे कथित तौर पर आईईडी रखे होने का भी दावा किया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, धमकी वाला संदेश बुधवार सुबह करीब 7 बजे के बाद भेजा गया। ई-मेल में रैली में आने वाली बसों को लेकर भी धमकी का जिक्र किया गया है। पुलिस ने संबंधित स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी है और ई-मेल के स्रोत तथा उसमें किए गए दावों की जांच शुरू कर दी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ई-मेल में किए गए दावे वास्तविक खतरे से जुड़े हैं या नहीं।
देवी तालाब मंदिर पहुंचे अमित शाह
धमकी के बीच अमित शाह जालंधर पहुंचे और श्री देवी तालाब मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वह परागपुर स्थित रैली स्थल के लिए रवाना हुए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर और रैली स्थल के आसपास अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। रैली स्थल के पास सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया है।
रैली का आयोजन भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के मौके पर किया जा रहा है। शाह यहां जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी ने इस कार्यक्रम को पंजाब में नशे के खिलाफ अपने अभियान के बड़े पड़ाव के तौर पर पेश किया है।
4 हजार किलोमीटर की यात्रा का जालंधर में समापन
भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर से शुरू हुई थी। पार्टी के मुताबिक, अभियान के दौरान पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया गया और अलग-अलग मार्गों से यात्रा ने करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। इसका समापन जालंधर में होने वाली सभा के साथ किया जा रहा है।
रैली के लिए परागपुर क्षेत्र में बड़े स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। पार्टी ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की है।
अमित शाह ने AAP सरकार पर साधा निशाना
जालंधर पहुंचने से पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। भाजपा लंबे समय से पंजाब में ड्रग्स की समस्या को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठा रही है। दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
2027 चुनाव की तैयारियों से भी जुड़ी रैली
जालंधर की यह सभा भाजपा के आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। पार्टी की ओर से लगातार नशे के मुद्दे को प्रमुखता दी जा रही है और राज्य में संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। भाजपा की चार ‘नशा मुक्त यात्राओं’ का जालंधर में एक साथ समापन इसी अभियान का हिस्सा है।
पार्टी के भीतर संभावित चुनावी रणनीति और सहयोगी दलों के साथ भविष्य के समीकरणों को लेकर भी चर्चा चल रही है। पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों दलों के बीच राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी हुई है।
