- ध्वस्तीकरण और रास्तों की तालाबंदी से बेहाल लोग, घंटों सड़कों पर कैद रही जिंदगी
- एक रास्ते पर पूरा ट्रैफिक, आमने-सामने वाहनों की भिड़ंत जैसी स्थिति; पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
- दुकानदारों का कारोबार ठप, बुजुर्ग-महिलाएं परेशान, बिना ट्रैफिक योजना शुरू हुई कार्रवाई पर उठे सवाल
वाराणसी (रणभेरी): काशी के सबसे व्यस्त और पुराने व्यापारिक इलाकों में शुमार दालमंडी इन दिनों विकास कार्यों और ध्वस्तीकरण अभियान के चलते भारी अव्यवस्था का शिकार हो गया है। इलाके में चल रही तोड़फोड़ और रास्तों की तालाबंदी ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि पूरा क्षेत्र जाम, धूल और अफरा-तफरी का केंद्र बन चुका है।
दालमंडी को जोड़ने वाले कई प्रमुख मार्ग बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में पूरे इलाके की आवाजाही अब एक संकरी सड़क पर निर्भर हो गई है। एक ही रास्ते से वाहनों के आने-जाने के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। चार पहिया वाहन तो दूर, दोपहिया वाहन चालकों को भी निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे और उन्हें न आगे बढ़ने का रास्ता मिला, न पीछे लौटने की जगह।
सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को उठानी पड़ रही है। दालमंडी, जो हमेशा ग्राहकों की भीड़ और व्यापारिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है, अब सुनसान और अव्यवस्थित नजर आ रही है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक बाजार तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। कई व्यापारी खुद अपनी दुकानों तक समय पर नहीं पहुंच सके। इससे कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।

राहगीरों का कहना है कि प्रशासन की ओर से मार्ग बंद होने की पर्याप्त सूचना नहीं दी गई। लोग सामान्य रास्ता समझकर इलाके में दाखिल हुए, लेकिन अंदर पहुंचते ही जाम के जाल में फंस गए। महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने बताया कि एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी निकलने में परेशानी हो रही है।
इलाके में जगह-जगह मलबा फैला होने और सुरक्षा इंतजामों की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन ने ठोस यातायात योजना तैयार नहीं की। न पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई और न ही वैकल्पिक मार्गों की समुचित व्यवस्था की गई। दालमंडी में मौजूदा हालात किसी अराजक गलियारे से कम नहीं दिख रहे।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच धूल का गुबार, सड़क पर फंसे वाहन और परेशान लोग पूरे इलाके की बदहाल तस्वीर पेश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मांग की है कि जब तक निर्माण और ध्वस्तीकरण का कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक गाइड और स्पष्ट वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए, ताकि जनता को रोजाना झेलनी पड़ रही इस भारी परेशानी से राहत मिल सके।
