15 नवंबर तक कन्फर्म टिकट का संकट, वंदेभारत और राजधानी एक्सप्रेस में भी जगह नहीं; कैंट स्टेशन के तीसरे द्वार पर टिकट काउंटर और एस्केलेटर शुरू होने का इंतजार
वाराणसी (रणभेरी): दीपावली और छठ पर्व पर घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। दिल्ली, मुंबई और सूरत समेत महानगरों से काशी और आसपास के जिलों में आने वाले लोगों को ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। नियमित ट्रेनों के साथ रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने के बावजूद यात्रियों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। स्थिति यह है कि दीपावली के आसपास कई ट्रेनों में रिग्रेट की स्थिति बन गई है, जबकि 15 नवंबर तक अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है।
दिल्ली से वाराणसी के बीच 15 से अधिक ट्रेनें संचालित होती हैं। सामान्य दिनों में यात्रा से एक दिन पहले तक वंदेभारत में सीट मिल जाती है, लेकिन त्योहारों के दौरान इस ट्रेन में भी 15 नवंबर तक कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं है। राजधानी एक्सप्रेस का भी यही हाल है। दीपावली से पहले कुछ तिथियों में तो टिकट बुकिंग रिग्रेट तक पहुंच गई है। ऐसे में यात्रियों के सामने घर पहुंचने का संकट खड़ा हो गया है।
मुंबई से वाराणसी आने वाली ट्रेनों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए चलने वाली नियमित और स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी श्रेणी तक लंबी वेटिंग है। महानगरी, कामायनी, एलटीटी-जयनगर और दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।
वंदेभारत से राजधानी तक सीटों का संकट
दिल्ली से वाराणसी आने वाली प्रमुख ट्रेनों में 22436 वंदेभारत एक्सप्रेस में 14 नवंबर तक चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास में कन्फर्म सीट नहीं है। 20504 राजधानी एक्सप्रेस में भी 14 नवंबर तक किसी श्रेणी में कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं है। दीपावली से पहले दो दिन तक इस ट्रेन में रिग्रेट की स्थिति है।
इसी तरह आनंद विहार से पाटलिपुत्र जाने वाली स्पेशल ट्रेन 04096 में 15 नवंबर तक कन्फर्म सीट का संकट बना हुआ है। श्रमजीवी एक्सप्रेस, नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली 22416 वंदेभारत, शिवगंगा एक्सप्रेस और महामना एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग चल रही है। शिवगंगा एक्सप्रेस में दीपावली के करीब एक सप्ताह बाद तक स्लीपर और एसी कोच में जगह नहीं मिल रही है।
मुंबई रूट पर भी यात्रियों की परेशानी
लोकमान्य तिलक टर्मिनस से वाराणसी आने वाली ट्रेनों में भी त्योहार के दौरान सीटों की भारी मारामारी है। 15017 लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस में सभी श्रेणियों में कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं है। 22177 महानगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 15 नवंबर तक वेटिंग 100 के पार पहुंच गई है।
वहीं 11061 एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस और 11071 कामायनी एक्सप्रेस में भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। 11047 दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस में 15 नवंबर तक सीटों का संकट है। दीपावली से पहले दो से तीन दिन तक इस ट्रेन में रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।
तीसरे द्वार पर टिकट काउंटर का इंतजार
त्योहारों में बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर तीसरा प्रवेश द्वार तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन यात्रियों को यहां अब तक पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। तीसरे द्वार से प्लेटफॉर्म तक आवाजाही शुरू हो चुकी है, मगर टिकट लेने के लिए यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास बने टिकट हॉल तक जाना पड़ रहा है।
तीसरे द्वार से मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 10 और 11 पर जाने वाले यात्री इंदौर, लखनऊ, उज्जैन, प्रतापगढ़, बरेली, चंडीगढ़ और अंबाला रूट की ट्रेनें पकड़ते हैं। यहां प्रवेश द्वार के पास टिकट घर बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर भी लगाया गया है, लेकिन दोनों सुविधाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं।
मालगोदाम रोड की ओर बनाए गए इस तीसरे प्रवेश द्वार पर फुटओवरब्रिज के जरिए यात्री सीधे प्लेटफॉर्म नंबर 10 और 11 तक पहुंच सकते हैं। भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से तैयार इस व्यवस्था में टिकट काउंटर और लगेज स्कैनर की मशीन भी लगाई गई है, लेकिन इनका संचालन शुरू नहीं होने से यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दीपावली, छठ और देव दीपावली के दौरान काशी में लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा को लेकर तीसरे द्वार की व्यवस्थाएं जल्द शुरू करना जरूरी हो गया है।
उत्तर रेलवे के एडीआरएम बीके यादव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए तीसरा प्रवेश द्वार बनाया गया है। यहां टिकट घर तैयार है। मानव संसाधन की व्यवस्था सहित कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। इनके पूरा होते ही टिकट काउंटर शुरू कर दिया जाएगा। एस्केलेटर का काम भी पूरा होते ही इसे यात्रियों के लिए चालू कर दिया जाएगा।
