वाराणसी (रणभेरी): धार्मिक नगरी काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर कथित रूप से मांसाहार पकाने और शराब सेवन करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर पुलिस ने पांच नाविकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित नाव को भी जब्त कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें कुछ युवक गंगा नदी में खड़ी एक नाव पर पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि नाव पर मौजूद लोग चिकन तैयार कर रहे हैं, वहीं बीयर और अन्य मादक पेय पदार्थों का सेवन भी किया जा रहा है। बाद में सभी लोग मिलकर भोजन करते हुए नजर आते हैं।
वीडियो में खुद कराया परिचय
वायरल वीडियो में एक युवक कैमरे के सामने मौजूद लोगों का परिचय कराता दिखाई देता है। वह बताता है कि नाव पर मौजूद अलग-अलग लोग खाना बनाने और अन्य तैयारियों में लगे हुए हैं। कोई चिकन पका रहा है तो कोई सब्जी और प्याज काटने का काम कर रहा है। वीडियो में शराब और बीयर की बोतलें भी दिखाई देती हैं। इसके साथ ही पार्टी का जिक्र करते हुए सभी लोग उत्साह व्यक्त करते नजर आते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस
बताया जा रहा है कि वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। दशाश्वमेध क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द से जुड़े विषय के रूप में देखा तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
चौकी प्रभारी की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दशाश्वमेध चौकी प्रभारी की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पांचों व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और धारा 299 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों से धार्मिक भावनाएं प्रभावित होने और सामाजिक वातावरण बिगड़ने की आशंका थी।
पांच आरोपी गिरफ्तार, नाव भी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान दीपक कुमार, अजय साहनी, अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद और राहुल साहनी के रूप में हुई है। सभी आरोपी वाराणसी शहर तथा रामनगर क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने उस नाव को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिस पर कथित रूप से पार्टी आयोजित की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और समय-काल की भी जांच की जा रही है।
सर्दियों का बताया जा रहा वीडियो
प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि वायरल वीडियो हाल का न होकर सर्दियों के मौसम का हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और उसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया।
न्यायालय में पेशी की तैयारी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है।
