अर्नब तूफान ने बदला मौसम का मिजाज, बारिश से गिरा पारा, सुबह से छाए बादल, रुक-रुककर हो रही है बारिश

अर्नब तूफान ने बदला मौसम का मिजाज, बारिश से गिरा पारा, सुबह से छाए बादल, रुक-रुककर हो रही है बारिश
  • आज और कल भारी बारिश का अनुमान, गरज-चमक और आंधी की आशंका
  • जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर, तेज हवा के चलते नाविकों ने छोटी नौकाओं का संचालन रोका

वाराणसी (रणभेरी): अर्नब तूफान का असर काशी में दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा और रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। मौसम के बदले मिजाज से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, संभावित भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। गंगा में तेज हवा और बारिश को देखते हुए नाविकों ने छोटी नौकाओं का संचालन रोक दिया।

नदी में केवल बड़ी नावों का संचालन होने की सूचना है। उधर, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में गुरुवार सुबह तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की रफ्तार 16 किलोमीटर प्रति घंटे रही।

अर्नब तूफान ने बदला मौसम का मिजाज, बारिश से गिरा पारा, सुबह से छाए बादल, रुक-रुककर हो रही है बारिश

आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से मौसम में ठंडक महसूस की गई। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, अगले 48 घंटे तक बादलों की आवाजाही के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को संभावित भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

गंगा में छोटी नौकाओं का संचालन रोका

मौसम का असर गंगा में नौका संचालन पर भी दिखने लगा है। तेज हवा और बारिश के चलते नाविकों ने छोटी नौकाओं का संचालन रोक दिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छोटी नौकाओं को नदी में उतारने से परहेज किया जा रहा है। फिलहाल गंगा में केवल बड़ी नावों का संचालन होने की जानकारी है। मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए नाविकों और गंगा किनारे पहुंचने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवा के दौरान नदी में नौका विहार जोखिम भरा हो सकता है।

कमजोर मकानों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान तेज हवाओं, आकाशीय बिजली, जलभराव और पेड़ या बिजली के खंभे गिरने का खतरा बढ़ सकता है। कमजोर दीवारों, क्षतिग्रस्त छतों, कच्चे मकानों और अस्थायी टिनशेड में रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम अधिक खराब होने से पहले ऐसे परिवारों से सुरक्षित और मजबूत भवनों में जाने की अपील की गई है। बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बीमार लोगों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।

अर्नब तूफान ने बदला मौसम का मिजाज, बारिश से गिरा पारा, सुबह से छाए बादल, रुक-रुककर हो रही है बारिश

बिजली चमकने पर घरों में रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज हवा चलने और बिजली कड़कने के दौरान घरों के अंदर रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर दीवारों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान, खेत, छत और नदी-तालाब के आसपास जाना भी जोखिम भरा हो सकता है। बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों, नालों और अंडरपास को पार करने का खतरा न उठाएं। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

किसानों और पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह

संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों से कटी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के इंतजाम करने की अपील की गई है। आंधी और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है। पशुपालकों से मवेशियों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं, नाविकों से मौसम खराब रहने तक गंगा में अनावश्यक गतिविधियों से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में अगले दो दिनों तक लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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