अखण्ड सौभाग्य के लिए सुहागिन महिलाएं 29 को रखेंगी करवा चौथ का व्रत
वाराणसी (रणभेरी): अखण्ड सौभाग्य के लिए महिलाओं का रखा जाने वाला करवा चौथ 29 अक्टूबर गुरुवार को मनाया जायेगा। करवा चौथ को लेकर बाजारों में जम कर खरीदारी चल रही है। बाजारों में महिलाएं साड़ियों के अलावा मिट्टी के शिव-पार्वती की मूर्तियां एवं सौंदर्य प्रसाधन की सामग्रियों की खरीदारी कर रही हैं। इसके साथ ही मिट्टी के करवा की भी खरीदारी शुरु हो गई है। बाजारों में करवा चौथ को लेकर चहल-पहल काफी बढ़ गई है।

हिंदू सनातन धर्म में पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करके व्रत उपवास रखने की विशेष महत्ता है। करवा चौथ व्रत से विशिष्ट कामना की पूर्ति होती है। यह सुहागिन महिलाओं का अत्यधिक लोकप्रिय व्रत है। प्रख्यात ज्योतिषविद् पं. विमल जैन ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि बुधवार 28 अक्टूबर की अर्धरात्रिके पश्चात 1.07 मिनट पर लगेगी जो अगले दिन गुरुवार 29 अक्टूबर की रात्रि 10.11 मिनट तक रहेगी।

तत्पश्चात पंचमी तिथि लग जायेगी। काशी में चन्द्रोदय रात्रि 8.01 मिनट पर होगा। फलस्वरूप 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जायेगा। इस दिन अखण्ड सौभाग्य यश-मान-प्रतिष्ठा, सुख समृद्धि, खुशहाली एवं पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ के व्रत का संकल्प लिया जाता है। यह व्रत निराहार एवं निराजल रखा जाता है। पूजा के क्रम में करवा जो कि सोना-चांदी, पीतल या मिट्टी का होना चाहिए।
लोहे या अल्युमिनियम धातु का नहीं होना चाहिए। करवा में जल भर कर सौभाग्य एवं शृंगार की समस्त वस्तुओं को थाली में सजा कर रखा जाता है। व्रती महिलाएं अपने पारिवारिक परम्परा व धार्मिक विधि विधान के अनुसार रात्रि में चन्द्र दर्शन के पश्चात अर्घ्य देकर उनकी पूजा अर्चना की जाती है। तत्पश्चात चन्द्रमा का चलनी में दर्शन करके उनकी आरती उतारी जाती है।
