सपा में पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर समेत चार नेताओं की जॉइनिंग, अमेरिका से लौटीं सबीना परवीन भी पार्टी में शामिल; सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने और गरीबों को मकान देने का ऐलान
(रणभेरी): उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने नई जॉइनिंग के जरिए अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश की है। भाजपा छोड़कर चार नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इनमें बदायूं की दातागंज सीट से भाजपा के दो बार के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, भाजपा नेता चंद्र कुमार मिश्र उर्फ बापू और पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी शामिल हैं। अमेरिका से भारत लौटीं सबीना परवीन ने भी सपा का दामन थामा। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नए साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इन नेताओं के आने से पूरे प्रदेश में बड़ा संदेश गया है और पीडीए की लड़ाई मजबूत होगी।
सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहिए: अखिलेश
सपा में शामिल हुए नेताओं के स्वागत के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साधु-संतों और सत्ता को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, ”हम तो राजनीति में आए ही सरकार बनाने और जनता की सेवा करने के लिए हैं। मैं कोई साधु-संत थोड़ी हूं, जो जंगलों या मठों में जाऊंगा। हमें तो सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी ही चाहिए, ताकि हम प्रदेश का विकास कर सकें।”
अखिलेश का यह बयान योगी आदित्यनाथ की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि साधु-संतों का लक्ष्य सत्ता या कुर्सी नहीं, बल्कि लोक कल्याण और सेवा होता है। सत्ता का मोह उन लोगों को होता है, जिन्हें परिवारवाद और सत्ता से लगाव है।
पीडीए की लड़ाई होगी और मजबूत
नए नेताओं के पार्टी में शामिल होने पर अखिलेश यादव ने कहा कि इससे समाजवादी पार्टी और पीडीए परिवार की जीत और बड़ी होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में आने वाले सभी साथियों को पूरा राजनीतिक सम्मान दिया जाएगा। दारा सिंह प्रजापति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके साथ दारा होंगे, वही अखाड़ा जीतेगा।
पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी की तारीफ करते हुए अखिलेश ने कहा कि नौकरी के दौरान भी उनकी अपनी पहचान रही है। उन्होंने कहा कि जिसके नाम में ‘राम’ जुड़ा हो, उसके सब काम बन जाएंगे।
सरकार बनी तो खत्म होगी आउटसोर्सिंग व्यवस्था
अखिलेश यादव ने प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर कई योजनाएं लागू करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म की जाएगी और संविदा सफाई कर्मियों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। वाल्मीकि समाज के बेघर लोगों को मकान उपलब्ध कराने के साथ बड़े पैमाने पर साइकिलें बांटने और वकीलों के लिए चैंबर बनवाने की भी बात कही।

कार्यक्रम के दौरान पांच गरीब महिलाओं को नए घरों की चाबियां सौंपी गईं। अखिलेश यादव ने गरीब परिवारों के लिए पांच लाख रुपये में मकान बनवाकर देने वाले मंतोष यादव को सम्मानित भी किया।
वोटर लिस्ट में धांधली का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाता सूची में हेराफेरी और वोट चोरी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में ‘सुनीता पत्नी राजेश’ नाम से दो हजार से अधिक प्रविष्टियां मिली हैं। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों की एकजुट आवाज के बाद ही चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि भाजपा वोटर लिस्ट में धांधली और वोट डकैती से बाज नहीं आ रही है। हालांकि, इन आरोपों और प्रविष्टियों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि का विवरण सामने नहीं आया।
चीन की घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
अखिलेश ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि दस साल से सत्ता में बैठी सरकार को यह मुद्दा चुनाव के समय ही याद आता है।
लखनऊ में हत्या और गोरखपुर जेल में संदिग्ध मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। विवादित होर्डिंग्स को लेकर भी उन्होंने पूछा कि इन्हें कौन लगवा रहा है और इसके पीछे किसका पैसा लगा है। गठबंधन के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी को गठबंधन का अच्छा अनुभव है। वहीं, ‘रावण’ वाले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह शब्द पिछले दस साल से अन्याय करने वालों के लिए इस्तेमाल किया गया था।
कौन हैं सपा में शामिल हुए नेता?
राम बहादुर पासी: पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने नागरिक एकता पार्टी बनाई और वर्ष 2022 में भाजपा में शामिल हुए। अब उन्होंने सपा की सदस्यता ली है। वर्ष 2017 में उन्होंने बसपा के टिकट पर मोहनलालगंज सीट से चुनाव लड़ा था और सपा प्रत्याशी से 530 वोटों के अंतर से हार गए थे।
सपा में शामिल होने के बाद पासी ने कहा कि जब वह सेवानिवृत्त हुए थे, तब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। अब उन्हें उनके लिए काम करने का अवसर मिला है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में सपा की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। चंद्र कुमार मिश्र उर्फ बापू: सीतापुर जिले के सेवता क्षेत्र के रहने वाले चंद्र कुमार मिश्र भाजपा नेता और जूट सहकारी संघ के चेयरमैन रह चुके हैं। उन्हें दर्जा प्राप्त मंत्री भी बताया जाता है।
सिनोद शाक्य: बदायूं जिले की दातागंज विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके सिनोद शाक्य ने भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ली। इसे उनकी घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। कुशाग्र सागर: बिसौली से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर भी भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए हैं।
अमेरिका से लौटीं सबीना परवीन भी सपा में शामिल
अमेरिका से भारत लौटीं सबीना परवीन ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके कुंदरकी विधानसभा सीट से दावेदार होने की संभावना जताई जा रही है। सबीना ने कहा कि वह केवल सपा में शामिल होने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव के आंदोलन का हिस्सा बनने आई हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग भारत छोड़कर जा रहे हैं, तब वह अमेरिका से वापस लौटी हैं। उनके मुताबिक, वह अपने पूर्वजों के सपनों को पूरा करना चाहती हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्रों में काम करना चाहती हैं।
नए नेताओं और सबीना परवीन के पार्टी में शामिल होने से सपा ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि इन जॉइनिंग का पार्टी को चुनावी मैदान में कितना लाभ मिलता है।
