वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के बॉयज हॉस्टल स्थित मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से भोजन की थालियों में बार-बार कीड़े मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। बुधवार को एक छात्र की थाली में कीड़ा मिलने के बाद हॉस्टल के छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।
मामले की जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हुआ। छात्रों की शिकायत के बाद कुलपति प्रो. आनंद त्यागी ने हॉस्टल के मेस का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, साफ-सफाई और मेस की अन्य व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
छात्रों की बनेगी निगरानी समिति
कुलपति ने वार्डन प्रो. नागेंद्र सिंह को छात्रों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति प्रतिदिन भोजन तैयार होने के दौरान मेस में मौजूद रहेगी। छात्र समिति के सदस्य खाद्य सामग्री की सफाई, सब्जियों की कटाई, चावल पकाने और भोजन तैयार होने तक की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य है कि भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी लापरवाही को समय रहते रोका जा सके।

करीब चार साल बाद फिर शुरू हुआ मेस
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में लगभग चार वर्षों तक मेस का संचालन बंद रहा था। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में इसे दोबारा शुरू किया गया। करीब एक महीने पहले छात्रों को मेस से भोजन मिलना शुरू हुआ है। संचालन शुरू होने के कुछ ही समय बाद भोजन में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आने से मेस की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी मेस को लेकर उठे थे सवाल
विश्वविद्यालय में मेस संचालन को लेकर पहले भी चर्चा रही है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के विश्वविद्यालय दौरे के दौरान मेस बंद मिलने पर नाराजगी जताए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद नए सत्र में मेस को फिर से संचालित किया गया। अब भोजन में कीड़ा मिलने की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था बढ़ाने का फैसला किया है।
