मानवाधिकार, सुगम्यता और भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने पर हुई चर्चा
वाराणसी (रणभेरी): अंतरराष्ट्रीय बधिर जन सप्ताह 2026 के अवसर पर वाराणसी डिविजन एसोसिएशन ऑफ द डेफ (वीडीएडी) की ओर से रवींद्रपुरी स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ला संस्थान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वाराणसी डिविजन सहित आसपास के जिलों से 200 से अधिक बधिर प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बधिर लोगों के मानवाधिकारों की घोषणा’ रहा।
कार्यक्रम में मानवाधिकार, सुगम्यता, भारतीय सांकेतिक भाषा, नेतृत्व, शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और बधिर संगठनों को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘विकसित भारत 2047’ के समर्थन में आयोजित नशामुक्ति शपथ रही। मुख्य अतिथि सुमीत अंकुर सिंह के नेतृत्व में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि सुमीत अंकुर सिंह, अदनान खान और डॉ. आशीष झा ने सहभागिता की। विशिष्ट अतिथियों में नागेंद्र तिवारी, विकास त्रिपाठी और शिवम जायसवाल शामिल रहे। समाज कल्याण विभाग के आर.पी. सिंह भी मौजूद रहे।
वीडीएडी अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा ने अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संगठन के कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान बधिर समुदाय ने जागरूकता मार्च निकालकर समानता, अधिकार, सुगम्यता और भारतीय सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
