पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के बीच कौशांबी सीओ सत्येंद्र तिवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, 10 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के बीच कौशांबी सीओ सत्येंद्र तिवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, 10 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश

(रणभेरी): प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 14 लोगों की मौत के बाद चर्चा में आए कौशांबी के सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी अब एक अलग कानूनी मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। वाराणसी की विशेष एससी/एसटी अदालत ने वर्ष 2018 के एक मुकदमे में लगातार गवाही के लिए अदालत में उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। अदालत ने उनके वेतन के आहरण पर भी अग्रिम आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के दौरान उनकी विवेचक के तौर पर गवाही होनी है।

2018 के मुकदमे में देनी है विवेचक की गवाही

यह मामला सत्र परीक्षण संख्या 401/2018, राज्य बनाम तौफीक आलम अंसारी से जुड़ा है। मुकदमे की सुनवाई वाराणसी स्थित विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) में चल रही है। इस मामले में सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने विवेचक के रूप में जांच की थी और अब उनकी गवाही अदालत में दर्ज की जानी है।

अदालत के समक्ष मामले की पत्रावली पेश होने के बाद विवेचक और चिकित्सक साक्षी की गवाही बाकी होने की बात सामने आई। इसके बाद अदालत ने सत्येंद्र तिवारी को कई बार साक्ष्य के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी नहीं हुए पेश

अदालती आदेश के मुताबिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को 13 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही के लिए बुलाया गया था। हालांकि, वह उस दिन न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से तिरंगा यात्रा में व्यस्त होने का कारण बताया गया।

इसके बाद अदालत ने उन्हें एक और अवसर देते हुए 24 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साक्ष्य दर्ज कराने के लिए बुलाया। इसके बावजूद वह निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। मामले में गवाही के लिए अगली तारीख 1 सितंबर 2026 तय की गई। अदालत की ओर से लगातार अवसर दिए जाने के बावजूद विवेचक उस दिन भी उपस्थित नहीं हुए।

लगातार गैरहाजिरी पर अदालत ने जताई नाराजगी

विवेचक की लगातार अनुपस्थिति को अदालत ने गंभीरता से लिया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित साक्षी जानबूझकर साक्ष्य देने के लिए अदालत में उपस्थित नहीं हो रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी महत्वपूर्ण आपराधिक मुकदमे में विवेचक की गवाही बेहद अहम होती है। जांच अधिकारी की गवाही से विवेचना के दौरान की गई कार्रवाई और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को न्यायालय के समक्ष स्पष्ट किया जाता है। ऐसे में लगातार समन और अवसर दिए जाने के बावजूद उपस्थित न होने को अदालत ने गंभीरता से लिया और कड़ा कदम उठाने का निर्णय किया।

10 सितंबर को अदालत में पेश करने का निर्देश

विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया जाए।

अदालत ने आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है। आदेश की प्रति संबंधित पुलिस अधिकारियों को भेजने के साथ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आदेश पर समय से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के बीच कौशांबी सीओ सत्येंद्र तिवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, 10 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश

वेतन रोकने का भी आदेश

अदालत ने इस मामले में सिर्फ गिरफ्तारी का निर्देश ही नहीं दिया, बल्कि सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के वेतन को लेकर भी आदेश जारी किया है। संबंधित चीफ ट्रेजरी ऑफिसर को निर्देश दिया गया है कि अगले आदेश तक उनके वेतन का आहरण रोक दिया जाए। पुलिस अधिकारियों से आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और इसकी रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने को कहा गया है।

पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद वायरल हुआ था वीडियो

गौरतलब है कि प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद सीओ सत्येंद्र तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। हादसे में 14 लोगों की जान चली गई थी। घटनास्थल और पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे सीओ सत्येंद्र तिवारी मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते समय भावुक नजर आए थे। वीडियो में वह पीड़ित परिवार के सदस्यों को गले लगाकर रोते दिखाई दिए थे। इस भावुक तस्वीर की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी।

अब उनके खिलाफ वाराणसी की विशेष एससी/एसटी अदालत से जारी गिरफ्तारी के आदेश के बाद एक बार फिर उनका नाम चर्चा में आ गया है। हालांकि, यह गिरफ्तारी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में नहीं, बल्कि वर्ष 2018 के एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मुकदमे में गवाही के लिए लगातार अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण जारी किए गए आदेश के तहत है।

अब 10 सितंबर को होगी पेशी

अदालत के आदेश के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों के सामने अब सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को निर्धारित समय पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की जिम्मेदारी है। उन्हें 10 सितंबर को अदालत के समक्ष पेश किया जाना है। मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभिषेक कुमार दुबे पैरवी कर रहे हैं। विवेचक की गवाही पूरी होने के बाद मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सकेगी।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में जिस गिरफ्तारी आदेश को पटाखा फैक्ट्री विस्फोट से जोड़कर बताया जा रहा है, वह वास्तव में 2018 के एक अलग एससी/एसटी एक्ट मुकदमे में गवाही के लिए गैरहाजिरी से संबंधित न्यायालयी कार्रवाई है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *