वाराणसी (रणभेरी ): शहर में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया एक शातिर चोर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाना था, लेकिन अदालत परिसर के बाहर पुलिसकर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाकर वह मौके से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद आरोपी के साथ उसकी अभिरक्षा में तैनात दो कांस्टेबलों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, जबकि विभागीय स्तर पर भी पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मोटरसाइकिल और बैटरी चोरी के आरोप में पकड़ा गया था आरोपी
पुलिस के अनुसार, बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी खुर्द (गहनी) गांव निवासी मोनू खान को 22 जुलाई को फूलपुर पुलिस ने एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और चोरी की बैटरी के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि वह पहले से दर्ज चोरी के एक मामले में वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की गई।
न्यायिक रिमांड के लिए कोर्ट लाया गया, बाहर से हुआ फरार
गुरुवार को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए एसीजेएम चतुर्थ की अदालत में पेश किया जाना था। उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कांस्टेबल राकेश कुमार सरोज और कांस्टेबल अभिजीत वर्मा को सौंपी गई थी।
बताया जा रहा है कि अदालत परिसर पहुंचने के बाद दोनों पुलिसकर्मी आवश्यक दस्तावेज जमा कराने कोर्ट रूम के अंदर चले गए। इस दौरान आरोपी को अन्य बंदियों के साथ बाहर खड़ा कर दिया गया। मौके का फायदा उठाकर मोनू खान वहां से फरार हो गया। जब पुलिसकर्मी बाहर लौटे तो आरोपी गायब मिला, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
सूचना मिलते ही अधिकारियों में मचा हड़कंप
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल मामले की जानकारी ली और घटना की जांच के आदेश दिए। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
दो कांस्टेबल और फरार आरोपी पर दर्ज हुआ मुकदमा
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अभिरक्षा में लापरवाही सामने आने पर कांस्टेबल राकेश कुमार सरोज और कांस्टेबल अभिजीत वर्मा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी मोनू खान पर भी अलग से एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
