वाराणसी (रणभेरी) : शहर के कैंट रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे विशेष सुरक्षा अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी। संयुक्त जांच अभियान में एक ट्रेन के सामान्य श्रेणी कोच से बड़ी संख्या में जीवित कछुए बरामद किए गए। हालांकि इस अवैध खेप को ले जा रहा संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका और मौके से फरार हो गया।
परीक्षा के मद्देनजर बढ़ाई गई थी निगरानी
रेलवे स्टेशन पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इसी क्रम में जीआरपी और आरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर तथा ट्रेनों में सघन जांच अभियान चला रही थी। जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों को सूचना मिली कि एक ट्रेन के जनरल कोच के माध्यम से संरक्षित वन्यजीवों की अवैध ढुलाई की जा रही है।
तलाशी में मिले कई लावारिस बैग
सूचना के आधार पर सुरक्षा टीम ने संबंधित कोच में पहुंचकर गहन तलाशी शुरू की। जांच के दौरान कोच में रखे कई लावारिस बैग संदिग्ध प्रतीत हुए। जब अधिकारियों ने बैगों की जांच की तो उनके अंदर बड़ी संख्या में जीवित कछुए पाए गए। अचानक हुई इस बरामदगी से जांच टीम भी चौंक गई।

45 जीवित कछुए बरामद
अधिकारियों के अनुसार बरामद किए गए कछुओं की कुल संख्या 45 है। इनमें छोटे और बड़े दोनों प्रकार के कछुए शामिल हैं। कुछ बड़े कछुओं का वजन कई किलोग्राम तक बताया गया है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार दुर्लभ प्रजातियों के कछुओं की अवैध बाजार में काफी मांग रहती है, जिसके चलते तस्कर इन्हें विभिन्न राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
बिहार ले जाने की आशंका
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कछुओं को पूर्वांचल क्षेत्र से ट्रेन के माध्यम से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और इसका मुख्य संचालक कौन है। पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

भीड़ का फायदा उठाकर फरार हुआ आरोपी
स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ होने के कारण संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा कर्मियों की नजरों से बचकर निकल गया। फिलहाल रेलवे पुलिस स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
वन विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी
बरामद सभी कछुओं को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वन विभाग के हवाले किए जाने की तैयारी की गई। वन विभाग की टीम कछुओं की प्रजाति की पहचान करने के साथ-साथ यह भी जांच करेगी कि कहीं इनमें कोई संरक्षित या विलुप्तप्राय श्रेणी का जीव तो शामिल नहीं है। मामले में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वन्यजीव तस्करी पर एजेंसियों की नजर
अधिकारियों का कहना है कि रेलवे मार्गों का उपयोग कर वन्यजीवों की तस्करी के प्रयास समय-समय पर सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और वन विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। हालिया कार्रवाई को इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
- कैंट रेलवे स्टेशन पर जांच अभियान के दौरान कार्रवाई।
- ट्रेन के सामान्य कोच से 45 जीवित कछुए बरामद।
- कई संदिग्ध लावारिस बैगों में छिपाकर की जा रही थी ढुलाई।
- आरोपी भीड़ का लाभ उठाकर मौके से फरार।
- वन विभाग को सौंपा गया मामला, आगे की जांच जारी।
- अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका।
