वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी एसटीएफ की फील्ड यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असम के गुवाहाटी से 50 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी बलिया जिले के सहतवार थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में वर्ष 2012 से फरार चल रहा था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार आरोपी गुवाहाटी में अपना ठिकाना बनाए हुए है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने असम पुलिस के सहयोग से वशिष्ठ थाना क्षेत्र के बजरा पाड़ा रोड स्थित एक मकान पर निगरानी शुरू की। आरोपी की मौजूदगी सुनिश्चित होने पर टीम ने मकान की घेराबंदी कर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
हत्या के मुकदमे में था वांछित
पुलिस के अनुसार राजकुमार वर्मा के खिलाफ सहतवार थाने में मुकदमा संख्या 280/2012 दर्ज है। मामले में हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार पुलिस से बचता रहा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने उसकी तलाश तेज की और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
एसटीएफ को आरोपी के दूसरे राज्य में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकाने की पड़ताल की गई। इसके बाद गुवाहाटी में कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया गया।
तलाशी में नकदी और आधार कार्ड मिला
गिरफ्तारी के समय एसटीएफ ने आरोपी के पास से 2,400 रुपये नकद और आधार कार्ड बरामद किया। टीम ने उसके ठिकाने से जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटाईं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित अदालत में पेश किया गया।
नक्सली संगठन से कथित संपर्क की भी पड़ताल
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी के कथित आपराधिक संपर्कों के अलावा प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI (माओवादी) से संभावित संबंध का भी बिंदु सामने आया है। पुलिस अब इस पहलू की अलग से जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फरारी के दौरान आरोपी किन स्थानों पर रहा और उसके संपर्क किन लोगों से रहे। बलिया में उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।
ट्रांजिट रिमांड के बाद यूपी लाया जाएगा
गुवाहाटी में गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड के जरिए उत्तर प्रदेश लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी को बलिया पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।सहतवार थाने में दर्ज वर्ष 2012 के हत्या के मामले में अब बलिया पुलिस उससे पूछताछ करेगी। साथ ही उसकी करीब 12 वर्ष की फरारी के दौरान की गतिविधियों और संभावित अन्य आपराधिक मामलों में भूमिका की भी जांच की जाएगी।
कई राज्यों में ठिकाने बदलने की आशंका
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी ने किन-किन राज्यों और शहरों में शरण ली। इतने लंबे समय तक वह कानून की पकड़ से बाहर कैसे रहा और फरारी के दौरान उसे किन लोगों से मदद मिली, इसकी जानकारी भी जांच का हिस्सा है। फिलहाल गुवाहाटी से गिरफ्तारी के बाद बलिया पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, फरारी के दौरान उसके ठिकानों और कथित संपर्कों की विस्तृत पड़ताल में जुट गई है।
