वाराणसी (रणभेरी): बेल्जियम से लाया गया करीब 180 टन वजनी विशाल वेसल अब उत्तर प्रदेश में अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। इसे लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी गांव स्थित बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट तक पहुंचाया जा रहा है। 308 पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल ट्रक पर लदा यह भारी-भरकम वेसल जहां से गुजर रहा है, वहां लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए जुट रही है।
शुक्रवार को भारी वाहन का काफिला चंदौली से वाराणसी की ओर रवाना हुआ। इसके गुजरने की खबर मिलते ही चंदौली में बड़ी संख्या में लोग हाईवे के किनारे पहुंच गए। लोग इस विशाल ट्रक और उस पर रखे वेसल की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। अनुमान है कि काफिला शनिवार शाम तक वाराणसी पहुंच सकता है।
पाराद्वीप से शुरू हुआ सफर
वेसल को ओडिशा के पाराद्वीप से सड़क मार्ग के जरिए उत्तर भारत लाया गया है। काफिला झारखंड से होते हुए बिहार के रोहतास, गया, औरंगाबाद और कैमूर जिलों से गुजरा। इसके बाद चंदौली के रास्ते इसने उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया है। अब इसके वाराणसी होकर लखीमपुर खीरी पहुंचने की योजना है।
इतने बड़े आकार और वजन वाले वाहन की आवाजाही को देखते हुए रास्ते में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम मार्ग में आने वाले ढांचों और सड़क की स्थिति का लगातार निरीक्षण कर रही है।
वाराणसी में पुल और ओवरहेड तार बड़ी चुनौती
वाराणसी में इस महाकाफिले के गुजरने के दौरान कई स्थानों पर सावधानी बरती जा रही है। रास्ते में आने वाले फुट ओवरब्रिज की ऊंचाई को देखते हुए कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से हटाने की तैयारी की जा रही है। वहीं डाफी टोल प्लाजा पर भी भारी वाहन के लिए अलग लेन की व्यवस्था की गई है।
मार्ग में मौजूद पुलों की क्षमता, सड़क के तीखे मोड़ और बिजली के ओवरहेड तारों की स्थिति की पहले से जांच की जा रही है। जरूरत के मुताबिक रास्ते में तकनीकी और यातायात संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
24 घंटे में सिर्फ 8 से 10 किलोमीटर की रफ्तार
वेसल को जिस विशेष ट्रेलर पर ले जाया जा रहा है, उसमें 308 पहिए हैं। मशीन और ट्रेलर को मिलाकर काफिले का कुल वजन 200 टन से अधिक बताया जा रहा है। भारी वजन और विशाल आकार के कारण इसकी गति बेहद कम रखी गई है। काफिला एक दिन में औसतन सिर्फ 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है।
हाईवे पर जब यह विशाल वाहन गुजरता है तो कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान उसी पर टिक जाता है। कई जगह राहगीर अपने वाहनों को रोककर इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाते दिखाई दे रहे हैं।
जेएम बक्सी हैवी संभाल रही लॉजिस्टिक्स
इतने बड़े उपकरण को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लॉजिस्टिक्स कंपनी जेएम बक्सी हैवी के निगरानी तंत्र में पूरी की जा रही है। पूरे रूट पर इंजीनियरिंग टीम संभावित बाधाओं का आकलन कर रही है।
लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ तहसील क्षेत्र के कुंभी गांव में स्थित बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट के लिए यह वेसल अहम उपकरण बताया जा रहा है। वाराणसी से गुजरने के बाद काफिला पूर्वांचल के रास्ते आगे बढ़ते हुए अपने अंतिम गंतव्य कुंभी पहुंचेगा।
