वाराणसी (रणभेरी): दीपावली और छठ के मौके पर दिल्ली-एनसीआर से बिहार, झारखंड और पूर्वांचल की ओर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें अभी से बढ़ने लगी हैं। त्योहार में करीब एक महीने का समय बाकी है, लेकिन प्रमुख ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है, जबकि कुछ श्रेणियों में टिकट मिलना बंद हो चुका है। रेल टिकटों की बढ़ती मांग का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है और दिल्ली से पटना का किराया कई गुना बढ़ गया है।
संपूर्ण क्रांति में कई तारीखों पर नो रूम
दिल्ली-पटना के बीच चलने वाली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में नवंबर की शुरुआत में यात्रियों को टिकट के लिए जूझना पड़ रहा है। एक से चार नवंबर के बीच इकोनॉमी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है। स्लीपर और थर्ड एसी में भी कई तारीखों पर वेटिंग चल रही है।
तेजस राजधानी एक्सप्रेस में भी यात्रियों की मांग बढ़ी हुई है। एक से चार नवंबर के बीच थर्ड एसी में लंबी वेटिंग दर्ज की जा रही है। कुछ श्रेणियों में स्थिति रिग्रेट तक पहुंचने से यात्रियों के पास नियमित ट्रेनों में विकल्प लगातार कम हो रहे हैं।
दरभंगा और गोरखपुर रूट पर भी भारी दबाव
बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में केवल पटना रूट ही दबाव में नहीं है। दिल्ली-दरभंगा मार्ग की बिहार संपर्क क्रांति और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में भी नवंबर के लिए सीटों की उपलब्धता सीमित हो गई है।
सरयू-यमुना एक्सप्रेस में नवंबर की शुरुआत की यात्रा के लिए वेटिंग काफी ऊपर पहुंच चुकी है। इसी तरह हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस में भी लंबी प्रतीक्षा सूची सामने आ रही है। गोरखपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति में भी कई श्रेणियों में नवंबर की यात्रा के लिए सीटें आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
रांची जाने वालों की भी बढ़ी परेशानी
झारखंड की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी त्योहार की भीड़ का असर दिख रहा है। नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस में छह नवंबर की यात्रा के लिए थर्ड एसी में वेटिंग है। झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की कई श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं हैं और कुछ में रिग्रेट की स्थिति बन गई है।
इससे साफ है कि त्योहार के दौरान घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए दिल्ली से बिहार, झारखंड और पूर्वांचल की ओर जाने वाली नियमित ट्रेनों में जगह पाना आसान नहीं होगा।
ट्रेन की सीट नहीं मिली तो विमान भी जेब पर भारी
रेल टिकटों की कमी का सीधा असर हवाई किराये पर दिखाई देने लगा है। अगस्त में दिल्ली से पटना के लिए एकतरफा विमान किराया करीब 5 से 6 हजार रुपये के आसपास था। लेकिन त्योहार की तारीखें नजदीक आते ही इसमें तेज उछाल आया है।
सात नवंबर को दिल्ली से पटना जाने वाली उड़ानों का शुरुआती किराया करीब 19-20 हजार रुपये तक पहुंच गया है। 10 नवंबर यानी छठ से पहले यात्रा करने वालों को इससे भी ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि इसी अवधि में दिल्ली से दुबई के लिए शुरुआती हवाई किराया करीब 15 हजार रुपये के आसपास बताया जा रहा है। यानी त्योहार के दौरान पटना की हवाई यात्रा कुछ मामलों में दुबई जाने से भी महंगी पड़ रही है।
स्पेशल ट्रेनों से राहत की उम्मीद
त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। अक्टूबर और नवंबर में नई दिल्ली-सुपौल, आनंद विहार-भागलपुर, नई दिल्ली-हावड़ा और अमृतसर-बरौनी सहित कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अतिरिक्त विशेष ट्रेनों को भी मंजूरी दी है। दिल्ली-पटना रूट पर तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति की क्लोन ट्रेनें चलाने का फैसला भी किया गया है।
इन ट्रेनों से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है, लेकिन नियमित ट्रेनों में पहले से मौजूद भारी वेटिंग और विमान किराये में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए दीपावली-छठ पर दिल्ली-एनसीआर से घर जाने वालों के लिए इस बार भी सफर आसान नहीं रहने वाला है।
